MP वन विकास निगम को मिलेगा नया MD, मनोज अग्रवाल और बसवराज अन्नागिरी सबसे बड़े दावेदार

मध्य प्रदेश वन विकास निगम के एमडी एचयू खान के रिटायरमेंट के बाद नए MD की तलाश तेज। मनोज अग्रवाल, बसवराज अन्नागिरी, विभाष ठाकुर और प्रदीप वासुदेवा चर्चा में।

MP वन विकास निगम को मिलेगा नया MD, मनोज अग्रवाल और बसवराज अन्नागिरी सबसे बड़े दावेदार

भोपाल। मध्य प्रदेश वन विकास निगम में नए प्रबंध संचालक (एमडी) की नियुक्ति को लेकर मंथन तेज हो गया है। मौजूदा एमडी एच.यू. खान इसी महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके स्थान पर नए एमडी की नियुक्ति के लिए वन विभाग में कई वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें सबसे मजबूत दावेदार 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल और 1995 बैच के बसवराज अन्नागिरी माने जा रहे हैं।

वन विकास निगम का एमडी पद पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) स्तर के अधिकारी के लिए निर्धारित है। हालांकि, विभागीय सूत्रों के अनुसार निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत की पसंद एपीसीसीएफ मोहन मीणा बताए जा रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए मनोज अग्रवाल और बसवराज अन्नागिरी के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

मनोज अग्रवाल सबसे मजबूत दावेदार

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान में वन विकास निगम वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में वित्तीय प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अधिकारी की जरूरत है। इसी वजह से मनोज अग्रवाल का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

अग्रवाल वर्तमान में पीसीसीएफ कैंपा के साथ पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। विभाग में उनकी पहचान वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में है। उनका कार्यकाल जून 2028 तक है, जिससे उन्हें निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है।

बसवराज अन्नागिरी भी रेस में

1995 बैच के आईएफएस अधिकारी बसवराज अन्नागिरी का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। विभाग में उनकी छवि एक शांत, गैर-विवादित और कार्यकुशल अधिकारी की रही है। वर्तमान में वे पीसीसीएफ वित्त एवं बजट, एचआरडी और विकास जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक विभाग उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए भी एमडी पद के लिए गंभीरता से विचार कर रहा है। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक रहेगा।

विभाष ठाकुर की वापसी की चर्चा

1991 बैच के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम भी चर्चा में है। वर्तमान में वे अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति संस्थान में सीईओ के पद पर प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।

बताया जा रहा है कि उन्हें छह महीने के लिए वापस वन विभाग में बुलाकर वन विकास निगम का एमडी बनाया जा सकता है। हालांकि जनवरी में उनका सेवानिवृत्त होना तय है, इसलिए यह व्यवस्था अस्थायी मानी जा रही है।

प्रदीप वासुदेवा का नाम भी चर्चा में

1992 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रदीप वासुदेवा वर्तमान में राज्य वन्यजीव संस्थान (एसएफआरआई), जबलपुर में पदस्थ हैं। विभागीय चर्चाओं के अनुसार उन्हें भी भोपाल बुलाकर वन विकास निगम का एमडी या पीसीसीएफ वर्किंग प्लान की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2027 तक है।

जल्द होगा अंतिम फैसला

एच.यू. खान के सेवानिवृत्त होने के बाद वन विकास निगम को नया नेतृत्व मिलेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार अंतिम निर्णय वरिष्ठता, प्रशासनिक अनुभव और निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा। फिलहाल मनोज अग्रवाल और बसवराज अन्नागिरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।