Analog Paneer : Zomato का बड़ा फैसला, एनालॉग डेयरी वाली डिश पर रोक; नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट होंगे बाहर
Zomato Analog Paneer : एनालॉग पनीर को लेकर Zomato पहले भी विवाद में आ चुका है। पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर कंपनी की सप्लाई सेवा Hyperpure को लेकर सवाल उठे थे।
Zomato Analog Paneer : लाइफस्टाइल डेस्क। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी से बनी डिश की बिक्री पर रोक लगा दी है। कंपनी ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने की बात कही है। Zomato के मुताबिक, जो रेस्टोरेंट नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनकी लिस्टिंग प्लेटफॉर्म से हटाई जा सकती है। कंपनी ने यह कदम खाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी देने और ग्राहकों के हित को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
एनालॉग डेयरी वाली डिश हटाई
Zomato ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट ने खुद अपनी डिश में एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल की जानकारी दी थी। ऐसी डिश को प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाया गया है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक को यह पता होना चाहिए कि उसके खाने में कौन सी सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। इसलिए मेन्यू में गलत या अधूरी जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी।
रेस्टोरेंट्स को क्या करना होगा
कंपनी ने अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स को असली डेयरी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी है। अगर किसी रेस्टोरेंट के लिए ऐसा करना तुरंत संभव नहीं है, तो उसे एनालॉग डेयरी वाली डिश मेन्यू से हटानी होगी। इसके साथ ही रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर से मिलने वाले प्रोडक्ट के लेबल और सामग्री की जानकारी जांचने को कहा गया है। इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी Zomato के प्लेटफॉर्म पर देना भी जरूरी होगा।
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नियम तोड़ने पर लिस्टिंग हट सकती है
Zomato ने साफ किया है कि एनालॉग डेयरी के इस्तेमाल को छिपाने वाले रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अगर मेन्यू में किसी डिश के बारे में गलत जानकारी दी गई या इस्तेमाल होने वाली सामग्री स्पष्ट नहीं की गई, तो उसकी लिस्टिंग हटाई जा सकती है। कंपनी का जोर ग्राहकों को खाने की सामग्री से जुड़ी पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने पर है।
क्या होती है एनालॉग डेयरी
एनालॉग डेयरी ऐसे प्रोडक्ट को कहा जाता है, जिसमें असली दूध या डेयरी सामग्री की जगह दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इन प्रोडक्ट का स्वाद और दिखावट कई बार असली डेयरी प्रोडक्ट जैसी हो सकती है। उदाहरण के लिए, एनालॉग पनीर में दूध की जगह वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है। इसका इस्तेमाल अपने आप में गैरकानूनी नहीं माना जाता, लेकिन इसे असली पनीर या डेयरी प्रोडक्ट बताकर बेचना नियमों के खिलाफ हो सकता है।
ग्राहक को सही जानकारी देना जरूरी
फूड प्रोडक्ट में एनालॉग सामग्री का इस्तेमाल होने पर ग्राहक को इसकी जानकारी मिलनी चाहिए। अगर किसी डिश में असली डेयरी की जगह नॉन-डेयरी सामग्री इस्तेमाल की गई है, तो मेन्यू में इसे साफ तौर पर बताना जरूरी है। इसी पारदर्शिता को लेकर हाल के महीनों में एनालॉग पनीर और दूसरे डेयरी विकल्पों पर चर्चा बढ़ी है।
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FSSAI ने भी जारी किया था नोटिस
अप्रैल 2026 में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट को लेकर पब्लिक नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि एनालॉग या चीज एनालॉग को पनीर के नाम से बेचना नियमों का उल्लंघन है। खाद्य कारोबारियों को ऐसे प्रोडक्ट को मेन्यू में नॉन-डेयरी या एनालॉग के तौर पर स्पष्ट रूप से बताने की सलाह दी गई थी।
NHRC ने भी मांगी जानकारी
एनालॉग पनीर को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने भी FSSAI और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजा है। आयोग ने एनालॉग पनीर के इस्तेमाल, पोषण और स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसके अलावा ऐसे प्रोडक्ट की जांच और पहचान के लिए अपनाए जा रहे तरीकों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
Zomato से पहले भी जुड़ा था विवाद
एनालॉग पनीर को लेकर Zomato पहले भी विवाद में आ चुका है। पिछले साल अक्टूबर में सोशल मीडिया पर कंपनी की सप्लाई सेवा Hyperpure को लेकर सवाल उठे थे। आरोप लगाया गया था कि इस सेवा के जरिए एनालॉग पनीर की बिक्री की जा रही थी। इस मुद्दे को लेकर कंपनी की आलोचना भी हुई थी। अब Zomato ने अपने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर एनालॉग डेयरी वाली डिश को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही है।

