T-72 Tank : ​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज करेंगे 'टैंक ओवरऑल T-72' परियोजना का भूमिपूजन, क्या है इसकी खासियत?

T-72 Tank : ​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहुप्रतीक्षित ‘टैंक ओवरऑल T-72’ परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।

T-72 Tank : ​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज करेंगे 'टैंक ओवरऑल T-72' परियोजना का भूमिपूजन, क्या है इसकी खासियत?

T-72 Tank Overhaul Project : मध्य प्रदेश। जबलपुर की वाहन निर्माणी (VFJ) में गुरुवार को रक्षा उत्पादन से जुड़ी एक अहम परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बहुप्रतीक्षित ‘टैंक ओवरऑल T-72’ परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। इसे सैन्य क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।

वाहन निर्माणी में बनेगी नई सुविधा

वाहन निर्माणी जबलपुर में T-72 टैंकों के लिए नई ओवरहॉल सुविधा विकसित की जाएगी। इससे सेना के इन टैंकों के रखरखाव और मरम्मत की क्षमता बढ़ेगी। परियोजना को देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके शुरू होने से सैन्य वाहनों की सर्विसिंग और ओवरहॉलिंग के काम को नई गति मिलने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्री का तय कार्यक्रम

 रक्षा मंत्री गुरुवार सुबह 11:55 बजे गोवा से विमान के जरिए डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 12:20 बजे वे व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर पहुंचेंगे। दोपहर 12:35 बजे वे T-72 टैंक ओवरहॉल परियोजना के भूमिपूजन समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी रहेंगे मौजूद

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री दोपहर 2:45 बजे साउथ सिविल लाइंस में पार्टी नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। उनका दोपहर 3:20 बजे विशेष विमान से नई दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम है।

T-72 टैंक की क्या है खासियत

भारतीय सेना में T-72 को ‘अजेय’ नाम से भी जाना जाता है। यह टैंक अपनी मारक क्षमता और तकनीकी दक्षता के लिए जाना जाता है। इसमें 125 एमएम की स्मूथबोर गन लगी है। यह पारंपरिक गोला-बारूद के साथ एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें भी दाग सकता है। इसके ऑटोलोडर सिस्टम के कारण इसे तीन सदस्यों का क्रू संचालित कर सकता है।

रक्षा उत्पादन में जबलपुर की भूमिका बढ़ेगी

T-72 टैंकों की ओवरहॉल सुविधा शुरू होने से जबलपुर की रक्षा उत्पादन में भूमिका और मजबूत हो सकती है। इससे सैन्य वाहनों के रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी और सेना को जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

T-72 के मेंटेनेंस और ओवरहॉलिंग से जुड़ी खबर 18 जून 2024 को दैनिक भास्कर ने प्रकाशित की थी। अब परियोजना के भूमिपूजन के साथ इस दिशा में काम आगे बढ़ने जा रहा है।