RSS Shakha Sangam : जागृत और संगठित समाज ही देश को बढ़ाएगा आगे, भोपाल में बोले सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले

RSS Shakha Sangam : भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का 'शाखा संगम'और स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

RSS Shakha Sangam : जागृत और संगठित समाज ही देश को बढ़ाएगा आगे, भोपाल में बोले सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले

RSS Shakha Sangam : मध्य प्रदेश भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का ‘शाखा संगम’ और स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के शामिल होने की बात कही गई। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शारीरिक प्रदर्शन, संघ गीत और घोष वादन भी हुआ।

दत्तात्रेय होसबाले ने समाज की भागीदारी पर दिया जोर

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले रहे। उन्होंने कहा कि भारत की करीब पांच हजार वर्ष की सभ्यता की यात्रा में देश ने कई संकटों और संघर्षों का सामना किया है। उनके अनुसार, हर चुनौती के बाद समाज ने फिर खड़े होकर आगे बढ़ने का प्रयास किया।

सरकार्यवाह होसबाले ने कहा कि सेवा का दायित्व केवल स्वयंसेवकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कोविड महामारी और असम की बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि आपदा के समय स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों में पहल की, लेकिन बाद में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग भी राहत कार्यों के लिए आगे आए।

गांव और बस्ती स्तर पर जिम्मेदारी की बात

होसबाले ने कहा कि देश के लिए काम करने की भावना हर गांव और बस्ती तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय के संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव-गांव में लोग एकत्र होकर स्थानीय जरूरतों पर विचार करें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने रामायण, महाभारत, संतों की वाणी और गुरुओं के उपदेशों के माध्यम से संस्कार और सकारात्मक विचारों की चर्चा जारी रखने की बात कही।

एम्स निदेशक ने बताया ‘वसुधैव कुटुंबकम्’

कार्यक्रम में एम्स भोपाल के निदेशक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोतवाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि संकट के समय स्वयंसेवक जाति, भाषा, क्षेत्र या धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका अर्थ पूरा विश्व एक परिवार है।

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि, हमें एक जागरूक और एकजुट समाज बनाना है। समाज के सामने आने वाली समस्याओं का सामना एकजुट होकर करना होगा। संघ ने ‘पंच परिवर्तन’ का काम हाथ में लिया है। मनुष्य के अंदर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा कि, भगवान श्रीराम ने शबरी के यहां जाकर बैर खाएं हैं। हिंदू धर्म में कहीं भी भेदभाव की भावना नहीं है। जातिगत भेदभाव समाज के लिए एक कलंक है। पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल मंच से संकल्प लेना पर्याप्त नहीं। पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है।

सुबह से बैठकों का दौर

कार्यक्रम से पहले दत्तात्रेय होसबाले ने भोपाल के E-8 अरेरा कॉलोनी स्थित समाज सेवा न्यास में अलग-अलग श्रेणियों की बैठकें कीं। उन्होंने भोपाल शहर में संचालित श्रेणी मिलन की टोलियों के साथ भी बैठक की। एकत्रीकरण के जरिए नियमित शाखाओं की गतिविधियों और संघ के सामाजिक कार्यों को प्रदर्शित किया गया।