टीएस सिंहदेव को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग तेज, समर्थकों ने सोशल मीडिया पर छेड़ा अभियान
छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव बोले- प्रदेश अध्यक्ष पर फैसला हाईकमान का, कार्यकर्ता सोशल मीडिया कैंपेन से बचें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चा तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू कर दिया है। समर्थक लगातार पोस्ट और संदेश साझा कर रहे हैं, जिनमें सिंहदेव को प्रदेश संगठन की कमान सौंपने की अपील की जा रही है।

सोशल मीडिया पर चल रहे इस अभियान में कई तरह के स्लोगन और संदेश दिखाई दे रहे हैं। इनमें कार्यकर्ताओं की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मजबूत करना है तो सिंहदेव जैसे अनुभवी नेता को प्रदेश की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इन पोस्ट पर कांग्रेस से जुड़े कई लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
सिंहदेव ने अभियान रोकने की अपील की
टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल निश्चित नहीं होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कौन रहेगा और कब तक जिम्मेदारी संभालेगा, इसका निर्णय कांग्रेस हाईकमान करता है।

सिंहदेव ने कहा कि जब दीपक बैज को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था, तब यह तय नहीं किया गया था कि वे किस तारीख तक इस पद पर रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन से जुड़े सभी बड़े फैसले पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस तरह के पोस्ट और अभियान से बचें। सिंहदेव ने कहा कि कई बार लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर देते हैं, लेकिन ऐसे प्रयास पार्टी की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निर्णय लेने का अधिकार हाईकमान पर छोड़ देना चाहिए।
लंबे समय से चल रही प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा
टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ कांग्रेस की कमान सौंपे जाने की चर्चा काफी समय से चल रही है। कुछ समय पहले सिंहदेव ने भी कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है तो वे इसके लिए तैयार हैं। इसके बाद कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बयान दिया था कि सिंहदेव को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी निभानी चाहिए और प्रदेश में युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।

हालांकि, कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को ही करना है। फिलहाल सोशल मीडिया अभियान के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है और पार्टी के अंदर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
Varsha Shrivastava 
