पार्टनर का हर बार लेट होना क्या रेड फ्लैग है? एक्सपर्ट से जानिए

पार्टनर का हर बार लेट होना सिर्फ टाइम मैनेजमेंट की समस्या नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा हो सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार, बार-बार सॉरी कहने के बावजूद व्यवहार में बदलाव न होना रिश्ते में रेड फ्लैग माना जा सकता है, जो शादी के बाद मानसिक तनाव और असंतोष की वजह बन सकता है।

पार्टनर का हर बार लेट होना क्या रेड फ्लैग है? एक्सपर्ट से जानिए
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Ayushi - मैं पिछले तीन साल से एक रिलेशनशिप में हूं। हमारी बॉन्डिंग और केमिस्ट्री अच्छी है, लेकिन पार्टनर का हर मौके पर लेट होना मुझे परेशान करता है। वह हर बार सॉरी बोल देता है, लेकिन व्यवहार नहीं बदलता। अब शादी का फैसला करना है, तो डर लग रहा है। क्या इसे नजरअंदाज किया जा सकता है या यह भविष्य में समस्या बनेगा?

Expert - क्लिनिकल रिसर्च बताती हैं कि रिश्तों में लगातार गैरजिम्मेदार व्यवहार इमोशनल स्ट्रेस की वजह बन सकता है। बार-बार लेट होना सिर्फ टाइम मैनेजमेंट की दिक्कत नहीं, बल्कि सम्मान और जिम्मेदारी से भी जुड़ा मामला हो सकता है।

एक-दो बार देर होना सामान्य है, लेकिन अगर मूवी, ट्रैवल, मीटिंग और ऑफिस—हर जगह यही पैटर्न है, तो यह एक गहरी समस्या की ओर इशारा करता है। समय पर न पहुंचना यह संदेश देता है कि सामने वाले का समय और मेहनत कम अहम है।

क्या हर बार सॉरी बोलना काफी है?

माफी तभी मायने रखती है, जब उसके साथ व्यवहार में बदलाव दिखे। अगर सॉरी सिर्फ झगड़ा टालने के लिए कहा जा रहा है और आदत वही बनी हुई है, तो इससे भरोसा धीरे-धीरे कमजोर होता है।

क्या यह रेड फ्लैग है?

अगर सॉरी के बावजूद लेटलतीफी का पैटर्न जारी है, तो यह रेड फ्लैग माना जा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि पार्टनर बुरा इंसान है, बल्कि यह संकेत हो सकता है कि उसमें जिम्मेदारी, बाउंड्री समझने या सेल्फ-अवेयरनेस की कमी है।

शादी के बाद क्या असर पड़ सकता है?

शादी किसी की बुनियादी आदतें नहीं बदलती। ऐसे पैटर्न शादी के बाद और ज्यादा सामने आते हैं। यह सिर्फ देर से आने की बात नहीं, बल्कि दायित्वबोध की कमी का संकेत हो सकता है, जो आगे चलकर मानसिक थकान और असंतोष का कारण बन सकता है।

क्या करें?

अगर पार्टनर अपनी आदत को समझने और बदलने के लिए तैयार है, काउंसलिंग या थेरेपी लेने को ओपन है, तो यह पॉजिटिव संकेत है। लेकिन अगर वह इसे हल्के में लेता है और बदलाव के लिए तैयार नहीं, तो आपको अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

प्यार जरूरी है, लेकिन सम्मान, जिम्मेदारी और बदलाव की इच्छा उतनी ही अहम है। रिश्ते में सबसे पहली जिम्मेदारी खुद के प्रति होती है।