Korean Glass Skin Secrets : राखी से पहले इन स्टेप्स को करें फॉलो, कोरियन लड़कियों जैसी चमकेगी Skin
Korean Glass Skin Secrets : आज हम आपको कोरियन गर्ल की स्किनकेयर केयर रूटीन के बारे में बताएंगे जो आपकी स्किन को ग्लोइंग और सॉफ्ट बनाने में मदद कर सकती है।
Korean Glass Skin Secrets : कोरियन ड्रामा और फिल्मों के साथ वहां के लोगों की ग्लोइंग स्किन भी काफी चर्चा में रहती है। खासकर कोरियन लड़कियों की स्किन स्मूद और चमकदार नजर आती है। इसे देखकर अक्सर सवाल उठता है कि उनकी स्किन इतनी साफ और ग्लोइंग कैसे रहती है। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और स्किन का रंग या बनावट कई कारणों पर निर्भर करती है। फिर भी कोरियन स्किनकेयर रूटीन में कुछ ऐसी बेसिक आदतें हैं, जिन्हें अपनी स्किन टाइप के अनुसार अपनाया जा सकता है।
रात में करें डबल क्लींजिंग
कोरियन स्किनकेयर रूटीन में रात के समय डबल क्लींजिंग को अहम माना जाता है। सबसे पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर की मदद से मेकअप, सनस्क्रीन और चेहरे पर जमा अतिरिक्त तेल हटाया जाता है। इसके बाद माइल्ड वॉटर-बेस्ड क्लींजर से चेहरा साफ किया जाता है। इससे त्वचा पर जमा गंदगी हटाने में मदद मिलती है। साथ ही चेहरे को बार-बार रगड़ने की जरूरत कम होती है और त्वचा को अनावश्यक खिंचाव से बचाया जा सकता है।

चेहरा धोने के बाद रखें हाइड्रेशन का ध्यान
क्लींजिंग के बाद त्वचा को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है। चेहरा धोने के तुरंत बाद उसे पूरी तरह सूखने का इंतजार नहीं करना चाहिए। हल्के नम चेहरे पर हाइड्रेटिंग टोनर या एसेंस लगाया जा सकता है।
इसके बाद जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। चेहरा सुखाते समय तौलिए से जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर पानी सुखाना बेहतर है। इससे त्वचा पर अनावश्यक घर्षण कम होता है।

ज्यादा क्रीम के बजाय अपनाएं लेयरिंग
कोरियन स्किनकेयर में एक साथ बहुत मोटी क्रीम लगाने के बजाय हल्के प्रोडक्ट्स को क्रम से लगाने पर जोर दिया जाता है। टोनर के बाद एसेंस, फिर जरूरत के मुताबिक सीरम और अंत में मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है।
हालांकि हर त्वचा की जरूरत अलग होती है। इसलिए केवल ट्रेंड देखकर कई प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल नहीं करने चाहिए। अपनी स्किन टाइप और जरूरत को समझकर ही प्रोडक्ट चुनना बेहतर है।

सनस्क्रीन को रूटीन का हिस्सा बनाएं
ग्लोइंग और हेल्दी दिखने वाली स्किन के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है। सूरज की यूवी किरणों के संपर्क में लंबे समय तक रहने से समय से पहले एजिंग, टैनिंग और डार्क स्पॉट्स जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं इसलिए सुबह के स्किनकेयर रूटीन के आखिर में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना चाहिए। अगर लंबे समय तक धूप में रहना हो, तो सनस्क्रीन को निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

बार-बार स्क्रब करने से बचें
ग्लास स्किन पाने की कोशिश में त्वचा को बार-बार स्क्रब करना सही तरीका नहीं है। बहुत ज्यादा या हार्श स्क्रबिंग से जलन, लालिमा और त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ सकती है। अगर एक्सफोलिएशन करना चाहते हैं, तो अपनी स्किन टाइप के अनुसार माइल्ड एक्सफोलिएंट चुना जा सकता है। इसे जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एक्सफोलिएशन करते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।

ग्लास स्किन के लिए कंसिस्टेंसी जरूरी
ग्लास स्किन किसी एक क्रीम या सीरम से रातोंरात हासिल नहीं होती। रोजाना त्वचा की सफाई, हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन जैसी बेसिक आदतों को लगातार अपनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति का रूटीन ज्यों का त्यों अपनाना जरूरी नहीं है। नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना भी बेहतर रहता है।


