एमपी में बाघों की होगी गिनती, वन विभाग ने शुरू की तैयारी

मध्य प्रदेश में 2026 की बाघ गणना का दूसरा चरण नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होगा, जिसके लिए वन विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। इस बार नए टाइगर रिजर्वों के साथ अभयारण्यों, संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों को भी गणना में शामिल किया गया है।

एमपी में बाघों की होगी गिनती, वन विभाग ने शुरू की  तैयारी

भोपाल: मध्य प्रदेश में 2026 की बहुप्रतीक्षित बाघ गणना का दूसरा चरण नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होने जा रहा है. वन विभाग ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।राज्य सरकार का उद्देश्य इस गणना के माध्यम से प्रदेश के बाघों की वास्तविक संख्या और उनके आवास क्षेत्रों की सटीक जानकारी जुटाना है।प्रदेश में नए बने रातापानी टाइगर रिजर्व, रानी दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व और माधव टाइगर रिजर्व में पहली बार बाघों की गणना की जाएगी। फर्स्ट टाइम टाइगर रिजर्व के साथ सेंचुरी, संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों को भी गणना में शामिल किया जा रहा है।

ग्राम वन समितियों और बाघ मित्रों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा गया :

वन विभाग ने इस बार टाइगर रिजर्व के साथ-साथ वन्यजीव अभयारण्यों, संरक्षित और सामान्य वन क्षेत्रों को भी गणना में शामिल करने का निर्णय लिया है। लगातार बढ़ रही बाघों की गतिविधियों को देखते हुए ग्राम वन समितियों और बाघ मित्रों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा गया है। इस बार की बाघ गणना को पूरी तरह पेपरलेस बनाया गया है.।

MP में सबसे ज्यादा है टाइगर:

यानी सभी आंकड़े और सूचनाएं डिजिटल माध्यमों मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दर्ज की जाएंगी. वनकर्मी एम-स्ट्राइप (M-Stripes) ऐप के नवीन संस्करण पर मौके से ही सभी जानकारी दर्ज करेंगे।  2022 की बाघों की गणना के अनुसार, भारत में अनुमानित 3,682 बाघ थे, जिनमें से अकेले मध्य प्रदेश में 785 बाघ थे. जो देश में सबसे ज्यादा हैं.