Mantralaya Bus Fire : 14 साल पुरानी खटारा बसों में सफर... मंत्रालय की बस में आग के बाद कर्मचारियों ने काटा वबाल

Mantralaya Bus Fire : कर्मचारी मंत्रालय के मेन गेट पर इकट्ठा हुए और बसों के मेंटेनेंस को लेकर ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।

Mantralaya Bus Fire : 14 साल पुरानी खटारा बसों में सफर... मंत्रालय की बस में आग के बाद कर्मचारियों ने काटा वबाल

Raipur Mantralaya Bus Fire : रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंत्रालय की बस में आग लगने की घटना के बाद गुरुवार को कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी मंत्रालय के मेन गेट पर जमा हुए और बसों के मेंटेनेंस को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि हादसे के बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। वे बसों की नियमित जांच और समय पर मेंटेनेंस की मांग कर रहे हैं।

बुधवार शाम को बस में लगी थी आग

बुधवार शाम मंत्रालय से करीब 35 कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जा रही सिटी बस में अचानक आग लग गई। बस रवाना होने से पहले ही उसके निचले हिस्से से धुआं उठने लगा। कुछ ही देर में लपटें निकलने लगीं। बस में सवार सभी कर्मचारी तुरंत बाहर निकल गए। इससे बड़ा हादसा टल गया। करीब 20 मिनट में बस लगभग पूरी तरह जल गई। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

बस में नहीं था फायर एक्सटिंग्विशर

कर्मचारियों का आरोप है कि बस में आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर तक मौजूद नहीं था। आग लगने के बाद मंत्रालय परिसर में रखे 10-10 किलो के दो एक्सटिंग्विशर लाकर बुझाने की कोशिश की गई। इसके बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। कर्मचारी संघ लंबे समय से रजिस्ट्रार शाखा और एनआरडीए के अधिकारियों से बसों की खराब स्थिति को लेकर चर्चा करता रहा है। उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था सुधारने की मांग दोहराई है।

14 साल पुरानी बसों की जर्जर हालत

रिपोर्ट्स में सामने आया कि मंत्रालय के कर्मचारी 14 साल पुरानी जर्जर बसों के भरोसे रोज सफर कर रहे हैं। कई बसों की छत से बारिश में पानी टपकता है। सीटें भीग जाती हैं और दरवाजे ठीक से बंद नहीं होते। फ्लोर भी खराब हालत में है। बसें रास्ते में अक्सर खराब हो जाती हैं। जिस बस में आग लगी, वह भी करीब 14 साल पुरानी थी। कर्मचारी पॉलीथिन बिछाकर बैठने को मजबूर होते हैं।

ठेका और संचालन की स्थिति

रायपुर नगर निगम ने 2012 में श्रीदुर्गा मां ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 98 बसों के संचालन का ठेका दिया था। टेंडर 10 साल का था, जो 2022 में खत्म हो गया। इसके बाद एग्रीमेंट बढ़ा दिया गया। ज्यादातर बसें अब 15 साल की उम्र पूरी करने के करीब हैं। पांच बसें पहले ही ऑफरोड हो चुकी हैं। फिलहाल 83 बसें ही संचालित हो रही हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

31 अक्टूबर से बंद होगी बस सर्विस

एडिशनल कमिश्नर लोकेश्वर साहू ने कहा कि निगम की ओर से संचालित ये बसें कंडम हो चुकी हैं। शासन को बस सर्विस बंद करने का पत्र लिखा गया है। इन बसों का संचालन 31 अक्टूबर को बंद कर दिया जाएगा। कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए नई व्यवस्था की जरूरत है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक मेंटेनेंस और जांच की व्यवस्था नहीं सुधरती, वे चुप नहीं बैठेंगे।