Mahadev Satta : महादेव बुक पर 40,603 करोड़ GST का नोटिस, DGGI ने सौरभ चंद्राकर समेत 97 को भेजा नोटिस

Mahadev Satta Tax Evasion : जांच के दायरे में महादेव बुक के कथित संस्थापक और प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का नाम भी है। उनके कथित प्रमुख सहयोगी रवि उप्पल को भी नोटिस दिया गया है।

Mahadev Satta : महादेव बुक पर 40,603 करोड़ GST का नोटिस, DGGI ने सौरभ चंद्राकर समेत 97 को भेजा नोटिस

Mahadev Satta Tax Evasion : छत्तीसगढ़ रायपुर जोनल यूनिट की डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद 26 अगस्त 2026 को दो शो-कॉज नोटिस जारी किए गए। DGGI ने 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच नेटवर्क से जुड़ी करयोग्य आपूर्ति का मूल्य करीब ₹1.45 लाख करोड़ आंका है। इस आधार पर ₹40,603 करोड़ से ज्यादा GST की मांग प्रस्तावित की गई है।

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को भी नोटिस

जांच के दायरे में महादेव बुक के कथित संस्थापक और प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का नाम भी है। उनके कथित प्रमुख सहयोगी रवि उप्पल को भी नोटिस दिया गया है।

अलग-अलग अवधि से जुड़े दोनों नोटिस में 66 और 31 लोगों को नोटिसी बनाया गया है। इनमें कथित प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। कई नाम दोनों नोटिस में भी सामने आए हैं।

करीब 2,000 पैनलों से चलता था नेटवर्क

DGGI की जांच में महादेव बुक को केवल एक वेबसाइट या ऐप नहीं, बल्कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ा नेटवर्क बताया गया है। जांच में करीब 2,000 बेटिंग पैनलों का उल्लेख सामने आया है।

दर्ज बयानों के अनुसार, एक पैनल पर रोजाना करीब ₹5 लाख से ₹10 लाख तक जमा होने की बात कही गई। सभी पैनलों को मिलाकर रोजाना जमा होने वाली रकम करीब ₹99 करोड़ तक आंकी गई। खिलाड़ियों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिए गए संपर्क माध्यमों के जरिए जुड़ने की बात भी जांच में सामने आई है।

कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जांच के दायरे में

जांच के अनुसार, नेटवर्क में अलग-अलग नामों से कई ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता था। इनमें Gold365, Laser247, Play247, 11xplay, Betbook247, Silverexch, Cricketbet9 और Skyexchange जैसे नाम शामिल हैं।

DGGI के मुताबिक, खिलाड़ियों को पैनल से जोड़ने के बाद बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। जांच में थर्ड-पार्टी, बेनामी और म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए हैं।

₹40,603 करोड़ से ज्यादा GST की मांग

DGGI के आकलन के अनुसार, चार साल की अवधि में करयोग्य आपूर्ति का कुल मूल्य ₹1,45,010.77 करोड़ रहा। इसमें 30 सितंबर 2023 तक की अवधि के लिए करीब ₹35,517.22 करोड़ और 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक करीब ₹5,085.80 करोड़ की IGST मांग प्रस्तावित है। कुल प्रस्तावित मांग ₹40,603 करोड़ से अधिक है। यह फिलहाल शो-कॉज नोटिस में प्रस्तावित कर मांग है, अंतिम कर देनदारी का निर्धारण आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।

GST रजिस्ट्रेशन नहीं कराने का आरोप

जांच में आरोप लगाया गया है कि इतने बड़े स्तर पर कारोबार के बावजूद नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन नहीं लिया गया। विभाग के अनुसार, संबंधित कारोबार पर रिटर्न दाखिल करने और GST भुगतान की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई।

जांच में बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और अलग-अलग लोगों के बयानों को आधार बनाया गया है। DGGI अब नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित कर देनदारी की जांच आगे बढ़ा रहा है।

ऑनलाइन गेमिंग पर टैक्स कार्रवाई का बड़ा मामला

महादेव बुक पर हुई कार्रवाई ऑनलाइन मनी गेमिंग से जुड़े GST मामलों के व्यापक कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट में Gameskraft से जुड़े GST मामलों पर लंबे समय से कानूनी कार्यवाही चलती रही है।

उपलब्ध रिकॉर्ड में इन मामलों की सुनवाई और संबंधित शो-कॉज नोटिस पर कार्यवाही के अलग-अलग चरण दर्ज हैं। इसलिए इस मामले में अंतिम कर देनदारी और कानूनी स्थिति आगे की प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क पर DGGI की सख्ती

करीब ₹1.45 लाख करोड़ की करयोग्य आपूर्ति, लगभग 2,000 पैनल और ₹40,603 करोड़ से ज्यादा की प्रस्तावित GST मांग ने इस मामले को बेहद बड़ा बना दिया है। DGGI की कार्रवाई से साफ है कि विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली कथित कर चोरी पर भी नजर रख रहा है। अब जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।