72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: कार्तिक और यामी बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के सम्मान

National Film Awards 2026: अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर और यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: कार्तिक और यामी बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के सम्मान

National Film Awards 2026 : भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में शामिल 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर में किया गया। पुरस्कारों की घोषणा इससे पहले 18 जुलाई को की गई थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में विजेता कलाकारों, फिल्मकारों और सिनेमा से जुड़े लोगों को सम्मानित किया।

इस बार अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए बेस्ट एक्टर और यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

भारतीय सिनेमा में लंबे समय से सक्रिय अभिनेता अनंत नाग को देश के सर्वोच्च फिल्म सम्मान माने जाने वाले दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। अनंत नाग ने 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘KGF: Chapter 1’ में आनंद इंगलागी का किरदार निभाया था।

फिल्म में उनका किरदार कहानी के सूत्रधार के तौर पर सामने आता है। वह टीवी इंटरव्यू के जरिए KGF और रॉकी के संघर्ष तथा उसके उभरने की कहानी दर्शकों तक पहुंचाते हैं। उनकी आवाज और कहानी कहने की शैली फिल्म की महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल रही।

कार्तिक आर्यन बने बेस्ट एक्टर

‘चंदू चैंपियन’ में अपने अभिनय के लिए कार्तिक आर्यन को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। पुरस्कार हासिल करने के बाद कार्तिक ने इसे अपने लिए बेहद भावुक और खास पल बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के साथ इस समारोह में मौजूद हैं और इस सम्मान को पाकर बेहद खुश हैं। उन्होंने इस अनुभव को शब्दों में बयां करना मुश्किल बताया।

यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान

हिंदी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड दिया गया। इसी फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला। फिल्म की ओर से निर्माता आदित्य धर ने पुरस्कार ग्रहण किया।

धनुष को एक ही दिन में मिले दो सम्मान

तमिल सिनेमा के अभिनेता धनुष के लिए भी यह समारोह खास रहा। उनकी फिल्म ‘रायन’ को बेस्ट तमिल फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। धनुष ने इस फिल्म की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन और अभिनय भी किया है। इसके अलावा धनुष को ‘कैप्टन मिलर’ में अभिनय के लिए स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया। इस तरह उन्हें एक ही दिन में दो अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से जुड़ा सम्मान मिला।

राष्ट्रपति ने कलाकारों को दिया संदेश

पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ज्यूरी पैनल में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

राष्ट्रपति ने लोकप्रिय फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक उत्पादों के प्रचार से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कलाकारों की लोकप्रियता का खास प्रभाव युवाओं पर पड़ता है और उन्हें समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण पेश करना चाहिए।'

1954 में 7 पुरस्कारों से हुई थी शुरुआत

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में महज 7 पुरस्कारों के साथ हुई थी। 72 साल के सफर में पुरस्कारों की संख्या बढ़कर 45 हो गई है। इस वर्ष दिए गए पुरस्कारों में 26 फीचर फिल्म, 16 नॉन-फीचर फिल्म, सिनेमा पर लेखन की 2 श्रेणियां और 1 दादासाहेब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड की प्राइज मनी में भी बड़ा बदलाव

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के शुरुआती दौर में विजेताओं को मुख्य रूप से गोल्ड मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए जाते थे। वर्ष 1957 में पहली बार नकद पुरस्कार की शुरुआत हुई। उस समय निर्देशक को 5 हजार रुपये और निर्माता को 20 हजार रुपये की राशि दी जाती थी।

इसके बाद पुरस्कार राशि में समय-समय पर बढ़ोतरी हुई। 1975 में बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस के लिए पहली बार 10 हजार रुपये की नकद राशि निर्धारित की गई थी, जो अब बढ़कर 3 लाख रुपये हो चुकी है। वहीं, 1969 में शुरू किए गए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआती नकद राशि 11 हजार रुपये थी। अब यह राशि बढ़कर 10 लाख रुपये हो गई है।