रिश्वत की शिकायत पर शिवराज का एक्शन: कृषि मंत्रालय के दो अधिकारी सस्पेंड

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिश्वतखोरी मामले में कृषि विभाग के दो विपणन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

रिश्वत की शिकायत पर शिवराज का एक्शन: कृषि मंत्रालय के दो अधिकारी सस्पेंड

नई दिल्ली। वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि मंत्रालय के दो विपणन अधिकारियों नीरज वर्मा और संदीप दीदावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दोनों अधिकारियों पर वेयरहाउस निरीक्षण के दौरान सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में रकम मांगने की शिकायत सामने आई थी। शिकायत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

सब्सिडी जारी करने के बदले मांगे पैसे

जानकारी के मुताबिक, भोपाल में पदस्थ विपणन अधिकारी नीरज वर्मा पर सीहोर जिले के वेयरहाउस संचालकों से सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये मांगने की शिकायत थी। वहीं, फरीदाबाद में पदस्थ विपणन अधिकारी संदीप दीदावत पर रायसेन स्थित प्रकाश वेयरहाउस के संचालक से निरीक्षण के दौरान सब्सिडी जारी करने के बदले 60 हजार रुपये मांगने की शिकायत सामने आई थी।

शिकायत मिलते ही जांच के निर्देश

दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद नीरज वर्मा और संदीप दीदावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि किसानों और वेयरहाउस संचालकों से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं में रिश्वत या किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दो दिन पहले ही सीहोर जिले में वेयरहाउस से सब्सिडी जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में कृषि मंत्रालय के विपणन अधिकारी अनुराग को निलंबित किया गया था।

21 सितंबर को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार, अनुराग पर सीहोर के दो वेयरहाउस से कथित तौर पर 1 लाख रुपये और 60 हजार रुपये की मांग करने की शिकायत थी। शिकायत मिलने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। 23 सितंबर को नीरज वर्मा और संदीप दीदावत के निलंबन के साथ ही दो दिनों के भीतर रिश्वत की शिकायतों पर कृषि मंत्रालय की ओर से दूसरी कार्रवाई सामने आई है।