11 साल बाद अमेरिका दौरे पर Xi Jinping: Trade और Tariff से लेकर AI-ताइवान तक पर होगी ट्रंप से बात
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका दौरे पर, एयरपोर्ट पर खुद उनका स्वागत करने जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस में होगा राजकीय डिनर, 24 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक में टैरिफ, ट्रेड, AI और ताइवान पर बातचीत संभव
Washington: चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping 23 से 25 सितंबर तक United States के दौरे पर रहेंगे। यह 11 साल बाद उनकी पहली White House यात्रा होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump खुद Joint Base Andrews पर Xi Jinping और उनकी पत्नी Peng Liyuan का खुद स्वागत करने के लिए जाएंगे। किसी विदेशी नेता के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरपोर्ट जाना सामान्य प्रोटोकॉल से अलग माना जाता है।
Xi Jinping की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब US और China के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के नेताओं की 2026 में यह दूसरी प्रमुख आमने-सामने मुलाकात होगी। इससे पहले मई में Beijing में Trump और Xi की बैठक हुई थी।
White House में State Dinner
24 सितंबर को White House में Xi Jinping और Peng Liyuan के सम्मान में State Arrival Ceremony होगी। इसके बाद Trump और Xi के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। शाम को Trump और First Lady Melania Trump की ओर से State Dinner का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अमेरिकी बिजनेस और टेक्नोलॉजी जगत की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
Trade और Tariff पर नजर
Trump और Xi की बातचीत में Trade और Tariff सबसे अहम मुद्दों में रह सकते हैं। दोनों देश मौजूदा व्यापारिक तनाव को कम करने और टैरिफ से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। बातचीत में Rare Earth Minerals, कृषि उत्पादों और निवेश से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं।
AI और Taiwan पर भी चर्चा
Artificial Intelligence (AI) भी बैठक का प्रमुख मुद्दा हो सकता है। अमेरिका और China दोनों AI और एडवांस टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा Taiwan का मुद्दा भी संवेदनशील रहेगा। दोनों देशों के बीच Taiwan को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं।
Iran-Russia से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में
बैठक में Iran और रूस से जुड़े आर्थिक एवं ऊर्जा मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है। खास तौर पर तेल व्यापार और Middle East की स्थिति पर दोनों देशों के रुख पर नजर रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, बैठक का एक बड़ा उद्देश्य मौजूदा मतभेदों के बीच बातचीत जारी रखना और व्यापारिक रिश्तों में स्थिरता बनाए रखना है।
Varsha Shrivastava 
