आर्मी ऑफिसर बनकर व्यापारी से लाखों की ठगी: अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर ट्रांजैक्शन

Indore News : इंदौर में आर्मी ऑफिसर बनकर व्यापारी से 8 लाख 55 हजार की साइबर ठगी की गई है। पीड़ित से बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग ट्रांजैक्शन करवाए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

आर्मी ऑफिसर बनकर व्यापारी से लाखों की ठगी: अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर ट्रांजैक्शन

Indore Cyber Crime News : इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में खुद को आर्मी ऑफिसर बताकर एक व्यापारी से करीब 8 लाख 55 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने कैंटोनमेंट बोर्ड में सामान सप्लाई का झांसा देकर व्यापारी से संपर्क किया और जीएसटी समेत अन्य जानकारी लेने के बाद बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन और पेमेंट प्राप्त होने के नाम पर अलग-अलग ट्रांजैक्शन करवाए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

खुद को बताया आर्मी ऑफिसर

दरअसल, इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में रहने वाले प्रवीण मोदी पेट सप्लाई का काम करते हैं। उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम कुणाल कुमार बताते हुए खुद को आर्मी ऑफिसर बताया। आरोपी ने कहा कि वह कैंटोनमेंट क्षेत्र में तैनात है और फोर्स के लिए कुछ सामान की जरूरत है। इसके बाद आरोपी ने प्रवीण मोदी से जीएसटी नंबर समेत कारोबार से जुड़ी अन्य जानकारी मांगी।

8 लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर

जानकारी साझा करने के बाद आरोपी ने पेमेंट प्राप्त करने और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर व्यापारी को अलग-अलग प्रक्रिया में उलझाया। आरोपी ने बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर पहले कुछ रकम जमा कराने को कहा। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से अपने बताए खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। इसी तरह बातचीत में उलझाकर आरोपी ने व्यापारी के खाते से करीब 8 लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।

जांच में जुटी पुलिस

रकम ट्रांसफर होने के बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने छोटी ग्वालटोली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को आर्मी, पुलिस या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर फोन करता है, तो बिना सत्यापन के उसकी बात पर भरोसा न करें। किसी भी तरह के बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन या अन्य बहाने से रकम ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें।