मऊगंज में 3.85 करोड़ के नल-जल घोटाले का आरोप, EOW ने तीन इंजीनियर और ठेकेदार पर दर्ज किया केस

मऊगंज के नईगढ़ी में जल जीवन मिशन की नल-जल योजना में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। EOW ने तीन तत्कालीन इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।

मऊगंज में 3.85 करोड़ के नल-जल घोटाले का आरोप, EOW ने तीन इंजीनियर और ठेकेदार पर दर्ज किया केस

मऊगंज, रिपोर्ट: राजेंद्र पयासी: मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने नईगढ़ी विकासखंड में गुणवत्ता विहीन काम और फर्जी भुगतान के आरोप में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के तीन तत्कालीन इंजीनियरों और एक ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है.

EOW के मुताबिक, वर्ष 2021 में नईगढ़ी के ग्राम जुड़मनिया रघुनाथ, खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़ और शिवराजपुर समेत अन्य गांवों में हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए पानी की टंकी, सम्पवेल, पंप हाउस, बाउंड्रीवाल, पाइपलाइन और घरेलू नल कनेक्शन का काम स्वीकृत किया गया था. यह काम 9 महीने में पूरा होना था, लेकिन करीब 5 साल बाद भी कई काम अधूरे बताए गए हैं.

अधूरे काम के बावजूद 3.85 करोड़ का भुगतान

जांच में EOW ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार मेसर्स शिवेन्द्र कुमार तिवारी, प्रभाती पुरवा, मनगवां, रीवा को 4.26 प्रतिशत बिलो दर पर कार्यादेश दिया गया था. विभाग की ओर से काम पूरा हुए बिना ही ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का पूरा भुगतान किए जाने का आरोप है.

पहली बार पानी भरते ही गिर गई टंकी

जांच के दौरान खटखरी गांव में नवनिर्मित पानी की टंकी को लेकर भी गंभीर गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई है. EOW के अनुसार, टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही टूटकर गिर गई. वहीं, प्राक्कलन में 4400 मीटर पाइपलाइन और 315 घरेलू नल कनेक्शन दर्शाए गए थे, लेकिन मौके पर पाइपलाइन गांव के बाहर तक ही निकाली गई थी.

करह में कागजों पर 740 नल कनेक्शन

करह उर्फ खैरागढ़ में भी योजना के काम में अनियमितता का आरोप है. यहां 5 मोटर पंप लगाए जाने का प्रावधान था, लेकिन जांच में मौके पर केवल एक सबमर्सिबल मोटर मिली. इसके अलावा कागजों में 740 घरेलू नल कनेक्शन दर्शाए गए थे, जबकि जांच के दौरान एक भी घर में नल फिटिंग और कंक्रीट सर्कुलर स्टैंड पोस्ट नहीं मिलने की बात सामने आई.

जुड़मनिया और शिवराजपुर में भी अधूरा काम

जांच में जुड़मनिया रघुनाथ गांव में मुख्य पाइपलाइन आधे गांव तक ही बिछाए जाने और घरों में नल कनेक्शन नहीं किए जाने का आरोप है. वहीं शिवराजपुर में ओवरहेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण अधूरा पाया गया.

इन चार लोगों को बनाया आरोपी

EOW ने मामले में PHE संभाग मऊगंज के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार को आरोपी बनाया है।

  1. जे.पी. द्विवेदी — तत्कालीन कार्यपालन यंत्री
  2. संजय पाण्डेय — तत्कालीन सहायक यंत्री
  3. ए.पी. तिवारी — तत्कालीन उपयंत्री
  4. शिवेन्द्र कुमार तिवारी — ठेकेदार

EOW ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1), 13(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.