IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM का खास अंदाज, बोले- मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन...
‘एक-दो बेटियां और होतीं तो अच्छा लगता’, IIT दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्राओं की कम भागीदारी पर जताई चिंता, भविष्य के सपनों से AI तक छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तकनीक, AI, भविष्य की चुनौतियों और युवाओं की जिम्मेदारी पर विस्तार से बात की। भाषण के दौरान पीएम मोदी का अंदाज गंभीर संदेशों के साथ-साथ हल्का-फुल्का भी रहा।
पीएम मोदी ने मेडल पाने वाले विद्यार्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि समारोह में एक-दो बेटियां और होतीं तो अच्छा लगता। उन्होंने बेटियों की कम संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि तकनीकी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी और बढ़नी चाहिए।
मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन...
लेकिन हर छात्र के मन में भविष्य की तस्वीर है’ पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…” लेकिन यह स्वाभाविक है कि आज डिग्री लेकर निकल रहे हर विद्यार्थी के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर चल रही होगी।

उन्होंने कहा कि हर छात्र के मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग सपने और योजनाएं होती हैं। कोई नौकरी के बारे में सोच रहा होगा, कोई स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी में होगा, तो कोई रिसर्च और नई खोज की दिशा में आगे बढ़ना चाहता होगा।
AI और नई तकनीक पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और Artificial Intelligence (AI) इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। भारत को केवल AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि AI और नई तकनीकों के क्षेत्र में नेतृत्व करने वाला देश बनना होगा।

इसी दिशा में IIT दिल्ली में AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़े नए इनोवेशन और रिसर्च प्रयासों की शुरुआत को महत्वपूर्ण बताया गया। ‘परम प्रज्ञा’ जैसी नई कंप्यूटिंग सुविधा को भारत में उन्नत तकनीकी शोध को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आज डिग्री मिली है, सीखना बंद नहीं हुआ
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि दीक्षांत समारोह शिक्षा की समाप्ति नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से लगातार सीखते रहने, अपनी जिज्ञासा को जीवित रखने और बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट करते रहने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि IIT से निकलने वाले युवाओं के पास ज्ञान, क्षमता और अवसर हैं। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग देश की बड़ी समस्याओं के समाधान और राष्ट्र निर्माण में करें।
IIT दिल्ली के मंच से भविष्य की ओर संकेत
पीएम मोदी का भाषण केवल डिग्री प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने AI, रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी बदलाव के दौर में भारत की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका संदेश स्पष्ट था कि आने वाला समय तेजी से बदलती तकनीक का है और इस बदलाव में भारत के युवाओं को केवल दर्शक नहीं, बल्कि निर्माता और नेतृत्वकर्ता बनना होगा।

IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन इसी संदेश के साथ समाप्त हुआ कि आज के युवा जिस सपने के साथ संस्थान से बाहर निकल रहे हैं, उसे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि उसमें देश के भविष्य की तस्वीर भी शामिल करें।
Varsha Shrivastava 
