मैहर में आदिवासी युवक की मौत: VHP-बजरंग दल ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Maihar News : मैहर के बिगौड़ी गांव में भैयालाल रावत की मौत के बाद VHP-बजरंग दल ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। SDM के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की गई।

मैहर में आदिवासी युवक की मौत: VHP-बजरंग दल ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Maihar News : मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के बिगौड़ी गांव में 16 सितंबर 2026 की रात आदिवासी युवक भैयालाल उर्फ भैय्यन रावत की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने घटना को लेकर प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। संगठनों ने दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में हिंदू परिवारों से जुड़ी कई आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण कुछ परिवार गांव से दूर रहने को मजबूर हैं।

कुएं में फेंके जाने से युवक की मौत

पुलिस में दर्ज प्रकरण के अनुसार, 16 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे बिगौड़ी गांव में भैयालाल रावत उम्र 35 वर्ष के साथ मारपीट की गई। शिकायत के मुताबिक अफसर खान, इस्माइल उर्फ पप्पू खान और अजमेर खान पर मारपीट करने और भैयालाल को कुएं में फेंकने का आरोप है। शोर सुनकर राजेश रावत और राकेश रावत मौके पर पहुंचे और भैयालाल को कुएं से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

मामले में ताला थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 304/26 दर्ज कर BNS की धारा 103(1), 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शराब पिलाने के बहाने मृतक के पास पहुंचने, गला दबाने और फिर कुएं में फेंकने की बात बताई है।

बजरंग दल ने पुराने मामलों का भी उठाया मुद्दा

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में इससे पहले भी हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं। संगठन के अनुसार 2015 में ऋषि पटेल की हत्या और 11 जुलाई 2025 को रामनारायण तिवारी की हत्या का मामला सामने आया था। संगठन ने आरोप लगाया कि रामनारायण तिवारी की हत्या उनके घर में गला रेतकर की गई थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा सकी है।

2025 की घटना के बाद प्रशासन पर उठे थे सवाल

VHP और बजरंग दल का कहना है कि रामनारायण तिवारी की हत्या के बाद हुए आंदोलन के दौरान अमरपाटन SDM आरती सिंह ने कथित विवादित केंद्र और अवैध निर्माण के खिलाफ सात दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

संगठन का आरोप है कि इसके बाद भी लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। हिंदू महापंचायत के दौरान भी अधिकारियों की मौजूदगी और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे। संगठन के मुताबिक बाद में मृतक की पत्नी द्वारा विवादित मकान के बाहर लगी पन्नी में आग लगाने की घटना के बाद उनके सहित कई लोगों पर दंगा और आगजनी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

भैयालाल की मौत के बाद 12 घंटे में हुई कार्रवाई

VHP और बजरंग दल ने दावा किया कि भैयालाल रावत की मौत के बाद प्रशासन ने आरोपियों से जुड़े कथित अवैध ठिकाने के खिलाफ करीब 12 घंटे के भीतर कार्रवाई की। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि पिछली घटना के बाद ही कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई होती, तो क्या बिगौड़ी में हुई नई घटना को रोका जा सकता था?

बजरंग दल ने लगाए ‘लैंड जेहाद’ के आरोप

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मैहर जिले के कई क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और ठिकाने बनाए जाने के आरोप लगाए हैं। संगठन इसे ‘लैंड जेहाद’ से जोड़कर देख रहा है और जिला प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और इन घटनाओं के बीच संबंध को लेकर विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

SDM के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग

VHP, बजरंग दल और हिंदू समाज से जुड़े लोगों ने SDM कार्यालय और जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर पूर्व की घटनाओं की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठनों ने अमरपाटन SDM आरती सिंह को निलंबित करने, मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से राहत एवं मुआवजा देने और आरोपियों से जुड़े कथित अवैध मकानों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो मैहर जिले में बड़े आंदोलन किए जाएंगे। वहीं, अपर कलेक्टर मैहर ने SDM अमरपाटन से जुड़े मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।