रीवा में 50 हजार की रिश्वत लेते PWD Chief Engineer गिरफ्तार
रीवा में लोकायुक्त की टीम ने PWD के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जानिए पूरा मामला।
रीवा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा के Chief Engineer कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, यह रकम एक निजी फर्म को लोक निर्माण विभाग में काम दिलाने के बदले मांगी जा रही थी।इस कार्रवाई में कैलाश कुमार लच्छे के साथ उनके अशासकीय साथी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हर महीने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
पूरा मामला सतना की एक टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता सोनू सिंह सतना जिले की टेस्टिंग लैब PVP LTD में मैनेजर के पद पर काम करते हैं।यह फर्म निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और टेस्टिंग का काम करती है। शिकायत के मुताबिक, फर्म को लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा में काम दिलाने के बदले प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे की ओर से हर महीने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।इसके बाद सोनू सिंह ने इस मामले की शिकायत 4 अगस्त 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में की।

शिकायत के बाद शुरू हुआ सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान ही कैलाश कुमार लच्छे ने अपने साथी धर्मवीर भारती के सहयोग से शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये ले लिए थे।इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू की।11 अगस्त को लोकायुक्त की टीम ने पूरी योजना के तहत ट्रैप की कार्रवाई की। टीम ने प्रभारी मुख्य अभियंता को उनके सिविल लाइन रीवा स्थित शासकीय आवास, अटल पार्क के सामने, शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
लोकायुक्त के मुताबिक, 11 अगस्त को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा योगेश्वर शर्मा के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी।टीम में लोकायुक्त निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, टीम ने कार्रवाई करते हुए कैलाश कुमार लच्छे को पकड़ लिया। इस दौरान उनके अशासकीय साथी धर्मवीर भारती की भूमिका भी सामने आई।लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधन अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है।
कौन हैं कैलाश कुमार लच्छे?
लोकायुक्त के अनुसार, कैलाश कुमार लच्छे, पिता हरिचरण लच्छे, उम्र 59 वर्ष, मूल रूप से लोक निर्माण विभाग जिला रीवा में कार्यपालन यंत्री के पद पर हैं। वर्तमान में वह प्रभारी मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।उनका निवास भोपाल की न्यू मिनाल रेजिडेंसी में बताया गया है।वहीं दूसरे आरोपी धर्मवीर भारती, पिता स्वर्गीय टीपी भारती, उम्र 59 वर्ष, विदिशा जिले के रहने वाले हैं। लोकायुक्त ने उन्हें कैलाश कुमार लच्छे का अशासकीय सहयोगी बताया है।

50 हजार रुपये की रिश्वत का ट्रैप
इस पूरे मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई को आसान भाषा में समझें तो शिकायत एक निजी टेस्टिंग फर्म के मैनेजर ने की थी। आरोप था कि विभाग में काम दिलाने के बदले हर महीने 1 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं।शिकायत के सत्यापन के दौरान 50 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 11 अगस्त को लोकायुक्त टीम ने दोबारा कार्रवाई की और 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते प्रभारी मुख्य अभियंता को रंगे हाथों पकड़ लिया।अब लोकायुक्त टीम यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत मांगने और लेने के इस मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी और इससे जुड़े दूसरे तथ्य क्या हैं।

भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए लोकायुक्त ने जारी किया नंबर
लोकायुक्त संगठन की ओर से कहा गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। आम लोगों से अपील की गई है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस रीवा से की जा सकती है।
Anubhav Dubey 
