Jharkhand: विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं-पुलिस में झड़प

JPSC-JSSC आंदोलन 18वें दिन भी जारी, आज Jharkhand बंद, Ranchi में लाठीचार्ज के बाद छात्रों के समर्थन में ABVP का विधानसभा मार्च, CM बोले- विपक्ष युवाओं को भटका रहा

Jharkhand: विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं-पुलिस में झड़प

Ranchi। Jharkhand में विधानसभा घेराव के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई। कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा के पास जुटे थे, जहां उन्हें डिटेन करने के लिए पुलिस से मौजूद थी। जिसके बाद कुछ कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और कुछ पुलिस वैन के आगे बैठ गए। पुलिस ने लगातार उन्हें उठाने की कोशिश की, तभी इस दौरान झड़प हो गई।

इधर, BJP ने 11 अगस्त मंगलवार को राज्यव्यापी बंद बुलाया है। Ranchi में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह सड़कें रोकीं और टायर जलाए। कुछ जिलों में कार्यकर्ता जबरन दुकानें बंद कराते नजर आए।

JMM सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया

BJP ने आरोप लगाया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों की मांगों पर बात करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। छात्रों ने झारखंड में PSC-SSC में कथित धांधली के खिलाफ 10 अगस्त सोमवार को प्रदर्शन किया था।

विधानसभा घेराव के दौरान 100 से ज्यादा छात्र घायल हो गए। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुए हैं। रांची पुलिस के करीब 14 पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रही है। हालांकि, सरकार ने छात्रों की 9 में से 6 मांगें मान ली हैं। वहीं, छात्रों का कहना है कि अब वे सिर्फ सीएम हेमंत सोरेन से बात करेंगे।

विपक्ष युवाओं को भटका रहा है- हेमंत सोरेन

Jharkhand विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार छात्र आंदोलन का मुद्दा उठा रहा है। मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान Jharkhand CM ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। Hemant Soren ने कहा- विपक्ष युवाओं को भटका रहा है। विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।

हम झारखंड के छात्रों के साथ हैं- अभिजीत दिपके

Jharkhand में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां विरोध-प्रदर्शन करती हैं, तो आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ़ छात्रों के खिलाफ़ ही ऐसा क्यों किया जा रहा है?

मैंने देवेंद्र महतो से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जबकि वे पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर ज़ुल्म करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है ऐसी बर्बरता नहीं होनी चाहिए। हमने देवेंद्र महतो को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। झारखंड में हमारी टीम छात्रों के साथ मिलकर काम कर रही है।

बता दें, Jharkhand में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी है। आंदोलन के समर्थन में आज Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। वहीं, सोमवार को प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में BJP ने आज Jharkhand बंद का आह्वान किया है।

सोमवार को Ranchi में हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने एक के बाद एक चार बैरिकेडिंग तोड़ दी और Jagannath Temple के पास तक पहुंच गए। यहां छात्रों ने बैरिकेडिंग के पास बैठकर प्रदर्शन किया।

वाटर कैनन के बाद छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग

प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बीच कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर डांस करते नजर आए, जबकि कुछ छात्रों ने शैंपू लगाकर नहाना शुरू कर दिया। कुछ छात्रों ने राष्ट्रगान भी गाया।

इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र खेतों और कच्चे रास्तों से होते हुए Assembly Gate नंबर-1 से करीब 100 मीटर पहले तक पहुंच गए। यहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थर, चप्पल-जूते और पानी की बोतलें फेंकी गईं। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सोमवार को पुलिस और छात्रों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। पुलिस को दो से तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा।

100 से ज्यादा घायल, पुलिस वाले भी चोटिल

विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे में करीब 130 लोगों के घायल होने की खबर है। JPSC-JSSC Reform Manch के प्रतिनिधियों के मुताबिक, उनके करीब 80 छात्र-छात्राओं को चोट लगी है। Nyay Manch से जुड़े 20 से अधिक छात्रों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। कई छात्रों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। Sadar Hospital में 10 घायल छात्रों को गंभीर हालत में लाया गया, जिनमें से तीन को भर्ती किया गया।

दूसरी ओर, Ranchi Police के करीब 14 जवानों के घायल होने की जानकारी है। पुलिसकर्मी Anjani Yadav को गंभीर चोट के बाद Dhurwa के एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। वहीं, 12 पुलिसकर्मियों को Sadar Hospital में प्राथमिक उपचार के बाद देर रात घर भेज दिया गया।

रात में फिर हुआ लाठीचार्ज

सोमवार देर शाम प्रदर्शनकारी छात्रों ने Assembly Gate के पास केक काटकर Chief Minister Hemant Soren का जन्मदिन मनाया। इसके बाद छात्रों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी केक बांटा। कुछ छात्र शाम को वापस लौट गए, जबकि कई छात्र मौके पर ही डटे रहे। रात में एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और छात्रों के बीच तनाव के बाद लाठीचार्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्राओं के साथ भी मारपीट की गई।

Devendra Nath Mahto की तबीयत बिगड़ी

आंदोलन के दौरान छात्र नेता Devendra Nath Mahto की तबीयत भी बिगड़ गई। पुलिस प्रशासन ने उन्हें Sadar Hospital में भर्ती कराया। Devendra Nath Mahto समेत छह छात्र JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। बताया गया कि वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे थे।

सोमवार सुबह करीब 10 बजे आंदोलनकारी छात्र Old Assembly के पास जुटे थे। इसके बाद वे विधानसभा घेराव के लिए निकले। प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ CCTV कैमरों से भी निगरानी की गई।

JPSC के पूर्व अध्यक्ष L Khiyangte गिरफ्तार

इस बीच JPSC से जुड़े मामले में CID ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष L Khiyangte को गिरफ्तार किया है। 21 July को JPSC Office में हुई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी।

छात्र JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के 18वें दिन ABVP के विधानसभा मार्च और BJP के Jharkhand बंद के कारण Ranchi में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।