भरे गोदाम, फिर भी खाद को तरसते किसान! अब रीवा–सेमरिया रोड किया जाम
खाद की कमी से परेशान किसानों ने करहिया मंडी के सामने रीवा–सेमरिया रोड पर चक्काजाम कर दिया। समय पर यूरिया न मिलने से फसल खराब होने का डर सता रहा है।
करहिया मंडी में खाद का इंतजार करते किसानो के सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है, किसान खाद की किल्लत के चलते सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए है. इसी के चलते उन्होंने बुधवार यानि आज रीवा सेमरिया रोड में चक्काजाम कर दिया है.
किसानो का कहना है की वो भोर से लेकर रात तक लाइन लगाकर खड़े रहते हैं पर उनको खाद नहीं मिल पाती, कई लोगों को तो टोकन मिलने के बाद भी खाद का हफ्तों इंतजार करना पड़ता है, वहीं कुछ लोगों को टोकन भी नहीं दिया जाता जबकि खाद की कोई कमी नहीं है पर फिर भी खाद के लिए किसानो को तरसाया जा रहा है.

वितरण केंद्र में गोदाम खादों से भरा हुआ है, पर वितरण का कोई सिस्टम नहीं है, यही वजह है की अब किसान आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए हैं और करहिया मंडी के सामने की रोड में अपनी गाड़ियों की लम्बी कतार लगा दी है जिससे लोगो का आना जान रुक गया है और राहगीर परेशान हो रहे हैं.
किसानो का कहना है की जब तक कोई बड़ा अधिकारी आकर हमारी परेशानी दूर नहीं करता तब तक हम ऐसे ही अड़े रहेंगे और तब तक ये चक्काजाम जारी रहेगा।
फसल खराब होने का सता रहा डर
किसानो को अब फसल खराब होने का दर सताने लगा है उनका कहना है की फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है जिसके लिए वो दिन रात लाइन में लगे हुए है पर उनको खाद के लिए तरसाया जा रहा.अन्नदाताओ को डर है की अगर सही समय पर उन्होंने खाद नहीं डाली तो उनकी सारी फसल बर्बाद हो जाएगी

नई नहीं है खाद की दिक्कत
रीवा शहर में खाद की किल्लत कोई नई नहीं है, अक्सर ही किसानो की दिक्कत हेडलाइन पर लोगो को दिख जाती है और ये सिलसिला कई सालों से चला आ रहा है. खरीफ की बुवाई से मतलब जून-जुलाई के समय से किसान वितरण केंद्रो पर कतार लगाकर खड़े रहते हैं और अधिकारीयों का मनमामा रवैय्या ऐसे ही बना रहता है.
कई बार तो कालाबाजारी की भी जानकारी आती है पर फिर लोगो का मुंह बन करवा दिया जाता, ऐसे ही करते करते अक्टूबर-नवम्बर आता है और रबी की फसल की बुवाई का समय आ जाता है और फिर वही सब चीजें दोहराई जाती है।
Saba Rasool 
