पाकिस्तान: इजरायल ‘कैंसर’ है, इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की मीटिंग

ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता के बीच, इजरायल के लेबनान हमले से पाकिस्तान और इजरायल के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने इजरायल की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए उसे नरसंहार बताया, जबकि वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान: इजरायल ‘कैंसर’ है, इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की मीटिंग
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एक तरफ जहां ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता चल रही है, तो वहीं दूसरी ओर इजरायल और पाकिस्तान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान इन दिनों ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा है। लेकिन इजरायल के लेबनान पर हमले के बाद से पाकिस्तान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ गया है।

पाकिस्तान ने लेबनान पर इजरायल के हमले को नरसंहार बताया और इजरायल को ‘दुष्ट’ और ‘कैंसर’ कहा और X पर ट्वीट कर लिखा—

“इजरायल बुराई का प्रतीक है। मानवता के लिए अभिशाप है। एक तरफ इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है। दूसरी ओर लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल निर्दोष नागरिकों को मार रहा है—पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में। खून-खराबा लगातार जारी है। मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फिलिस्तीनी जमीन पर इस कैंसर-रूपी देश को बनाया, वे नरक में जलें।”

इस बयान के बाद इजरायल ने आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल इजरायल को खत्म करने की मांग जैसा है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि खासकर ऐसे देश से, जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा हो, ऐसा बयान अस्वीकार्य है।

बता दें कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फायर करवाने में अभी अहम भूमिका निभा रहा है। ईरान, जो शुरू से पाकिस्तान का अच्छा मित्र रहा है, और अमेरिका, जो हमेशा पाकिस्तान की मदद करता आया है—ऐसे में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता का काम कर रहा है।

खबर यह भी है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फायर को लेकर अहम बैठक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली है। कुछ दिन पहले अमेरिका और ईरान दोनों ने युद्ध रुकवाने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की।