छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC चीफ को लेकर बढ़ी खींचतान, भूपेश बघेल बोले- फैसला हाईकमान का, मैं अपनी बुद्धि नहीं लगाता
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC चीफ को लेकर घमासान, टीएस सिंहदेव-दीपक बैज बयानबाज़ी पर भूपेश बघेल का जवाब, कहा- मैं प्रतिक्रिया नहीं देता
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष (PCC चीफ) की कुर्सी को लेकर अंदरूनी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बीच चल रही राजनीतिक चर्चा अब खुलकर सामने आने लगी है। इस पूरे विवाद के बीच भूपेश बघेल का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जैसे पदों पर फैसला पार्टी हाईकमान करता है।
भूपेश बघेल ने क्या कहा?
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि वे टीएस सिंहदेव के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। उन्होंने कहा कि दीपक बैज पिछले तीन से साढ़े तीन साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं और संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि किसे प्रदेश अध्यक्ष बनाना है और किसे नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी देनी है, यह फैसला पार्टी हाईकमान का होता है। उन्होंने कहा, “मैं इसमें अपनी बुद्धि नहीं लगाता।”
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, हाल ही में टीएस सिंहदेव ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है तो वे इसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे छत्तीसगढ़ में रहकर ही काम करना चाहते हैं और संगठन जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे निभाएंगे। सिंहदेव के इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की प्रतिक्रिया सामने आई। दीपक बैज ने कहा कि बाबा साहब बड़े नेता हैं, उन्हें दिल्ली में जाकर काम करना चाहिए। प्रदेश में युवाओं को मौका मिलना चाहिए। इसके बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
मैं अभी भी सक्रिय हूं- टीएस सिंहदेव
टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में यह भी कहा कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने संगठन और क्षेत्र को मजबूत करना है। उन्होंने इशारों में संगठन की मौजूदा स्थिति पर सवाल भी उठाए। सिंहदेव ने कहा कि बड़े नेताओं की बात हो रही है तो यह भी देखना चाहिए कि कौन चुनाव जीता और कौन हारा। उन्होंने कहा कि वे खुद चुनाव हार चुके हैं, लेकिन प्रदेश में लगातार लोगों के बीच सक्रिय हैं और पूरे छत्तीसगढ़ में दौरे कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दीपक बैज भी चुनाव हार चुके हैं। उनके जिले की सीटें भी कांग्रेस नहीं बचा पाई और लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की वापसी भी नहीं हो सकी।
BJP ने बताया कांग्रेस का अंतर्कलह
वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले को कांग्रेस की अंदरूनी कलह बताया है। प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस का अंतर्कलह समय-समय पर सामने आता रहता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। रामविचार नेताम ने कहा कि टीएस सिंहदेव की कांग्रेस सरकार बनाने में बड़ी भूमिका रही थी, लेकिन बाद में उन्हें ही नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस पर “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
Varsha Shrivastava 
