टैरिफ के पैसे वापस करें ट्रम्प, कोर्ट का आदेश

अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प को आदेश दिया है कि जो अतिरिक्त टैरिफ उन्होंने लगाया था, उसे कंपनियों को वापस लौटाया जाए। ट्रम्प के पास अब कोर्ट के फैसले को चुनौती देने, स्टे लगाने या रिफंड को टालने के विकल्प हैं।

टैरिफ के पैसे वापस करें ट्रम्प, कोर्ट का आदेश
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट से फटकार मिली है। अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प को आदेश दिया है कि जितना भी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया गया था उसे कंपनियों को वापस लौटाया जाए। ट्रम्प प्रशासन ने टैरिफ से करीब 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले थे, जिसका कुल रिफंड अब 14.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

इस बीच इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट के जज रिचर्ड ईटन ने लंबित मामलों में टैरिफ को हटाकर दोबारा से कैलकुलेशन करने को कहा। बता दें कि अप्रैल 2025 से ही ट्रम्प ने मनमानी ढंग से इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट-1977 का इस्तेमाल करके कई देशों पर अपने हिसाब से टैरिफ लगाए थे, जिसका शिकार भारत भी हुआ था।

बढ़ते टैरिफ और ट्रम्प की मनमानी को देखते हुए अमेरिकी कंपनियों ने ट्रम्प के फैसले को चुनौती दी। जिसके बाद 20 फरवरी 2026 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि टैरिफ बढ़ाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के सभी टैरिफ को रद्द भी किया था। जिसके बाद ट्रम्प ने 15% का ग्लोबल टैरिफ सभी देशों पर लगा दिया था।

लेकिन उस समय कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को रिफंड करने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए थे। लेकिन अब जाकर कोर्ट ने टेनेसी की एटम्स फिल्ट्रेशन की याचिका पर जज ने रिफंड का आदेश दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या ट्रम्प ये पैसे कंपनियों को वापस देंगे?

ट्रम्प के पास अब 3 ऑप्शन हैं: या तो वो कोर्ट के इस फैसले को ऊपरी कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं, या फिर इस फैसले पर कुछ समय का स्टे लगाने की मांग कर सकते हैं, या फिर कस्टम्स में लिक्विडेशन लगाकर रिफंड को 6 महीने के लिए टाल सकती है। और नहीं तो कोर्ट के फैसले को मानते हुए कंपनियों को उनका पैसा लौटाया जा सकता है। हालाँकि काफी कम चांस है कि ट्रम्प पीछे हटें।