मऊगंज में प्रशासन ने कसा अवैध बोरिंग पर शिकंजा: हैंडपंप उत्खनन में लगी 2 मशीनें जब्त

मऊगंज जिला प्रशासन के आदेश पर राजस्व अधिकारियों ने दी दबिश, 2 बोरिंग मशीन जब्त कर की गई वैधानिक कार्रवाई, कारोबारियों में मचा हड़कंप 

मऊगंज में प्रशासन ने कसा अवैध बोरिंग पर शिकंजा: हैंडपंप उत्खनन में लगी 2 मशीनें जब्त

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी। मऊगंज जिला प्रशासन ने हैंडपंप उत्खनन पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से बोरिंग कर रहे संचालकों पर बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने नईगढ़ी तहसील के ग्राम करही में दबिश देकर दो बोरिंग मशीनें जब्त की। इस कार्रवाई के बाद अवैध बोरिंग कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को गुरुवार शाम सूचना मिली थी कि ग्राम करही में बिना अनुमति अवैध बोरिंग कराई जा रही है। कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर तहसीलदार नईगढ़ी सुनील कुमार द्विवेदी, नायब तहसीलदार बवलेश तिवारी, थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी और पटवारी विवेक तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

जांच के दौरान मेसर्स श्रीशक्ति बोरवेल मऊगंज की बोरिंग मशीनें वाहन क्रमांक KA 01 MU 2566 और KA 01 MU 2455 बिना अनुमति बोरिंग करते पाई गई। अधिकारियों ने दोनों मशीनों को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई करते हुए नईगढ़ी थाना के सुपुर्द कर दिया।

एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

राजस्व अधिकारियों ने कार्रवाई पूरी करने के बाद मशीन मालिकों और चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी नईगढ़ी को निर्देशित किया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

प्रतिबंध के बावजूद जारी था उत्खनन

फिलहाल, जिले में भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने बोरवेल और हैंडपंप उत्खनन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। आवश्यकता होने पर केवल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से अनुमति लेकर ही उत्खनन कराया जा सकता है। इसके बावजूद कुछ बोरिंग संचालक दलालों के माध्यम से चोरी-छिपे काम कर रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से ऐसे कारोबारियों में दहशत का माहौल है।

दलालों और मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के मऊगंज, नईगढ़ी, हनुमना, देवतालाब, खटखरी, पहाड़ी और शाहपुर क्षेत्रों में कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो कथित रूप से कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध उत्खनन करवा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसी कारण गिट्टी, बालू, शराब, गांजा और कोरेक्स जैसे अवैध कारोबार भी लगातार फल-फूल रहे हैं।