मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, कुणाल चौधरी ने कहा- किसान लाइन में खड़ा-खड़ा परेशान हो रहा
अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी का आरोप- ऑनलाइन सिस्टम की खामियों से किसान धूप में कतारों में खड़े रहने को मजबूर
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में 24 मई को आयोजित एक प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की राज्य सरकार पर गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ व्यवस्थित तरीके से “धोखा” किया जा रहा है और पूरी खरीद प्रक्रिया अव्यवस्थित हो चुकी है।
गेहूं खरीदी व्यवस्था से लेकर ऑनलाइन सिस्टम पर सवाल
कुणाल चौधरी ने दावा किया कि सरकार एक तरफ 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का आंकड़ा प्रस्तुत कर रही है, जबकि दूसरी तरफ प्रदेश में अभी भी लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों के पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि बड़ी संख्या में किसानों की उपज अभी तक खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे किसान परेशान हैं और आर्थिक दबाव में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों से “एक-एक दाना” गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। कई किसान स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया में फंसे हुए हैं और लगभग 50 प्रतिशत किसान अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

कुणाल चौधरी ने सरकार की ऑनलाइन गेहूं खरीदी व्यवस्था पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीदी इतनी ऑनलाइन कर दी है कि किसान लाइन में खड़ा-खड़ा ऑफलाइन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर लगातार सर्वर डाउन की समस्या आ रही है, जिसके कारण किसानों को घंटों धूप में खड़े रहना पड़ रहा है। तकनीकी खराबियों और स्लॉट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट और गर्मी की मार
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पहले सरकार ने गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 28 मई कर दिया गया, जबकि पहले 30 मई तक स्लॉट बुकिंग की बात कही जा रही थी। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय” बताया और कहा कि इस तरह के फैसलों से किसानों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच किसान पहले से ही परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती हो रही है, जिससे रात के समय घंटों अंधेरा और असुविधा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लोगों को गर्मी से बचने की सलाह देती है, वहीं दूसरी तरफ किसान और ग्रामीण खरीदी केंद्रों पर घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।

सोयाबीन के दामों को लेकर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता में सोयाबीन के दामों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया। कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों को फसल बेचते समय उचित मूल्य नहीं मिलता, लेकिन बाजार में वही उत्पाद महंगा हो जाता है। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल खरीद नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, जिसका भार आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
अंत में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि राज्य सरकार गेहूं खरीदी की अवधि तत्काल बढ़ाए, सभी किसानों को स्लॉट उपलब्ध कराए, ऑनलाइन व्यवस्था को दुरुस्त करे और खरीदी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करे। कुणाल चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
Varsha Shrivastava 
