पेट्रोल ₹2.61 तो डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा,एक महीने में चौथी बार बढ़े दाम
ऑयल कंपनियों ने 11 दिन में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ा दिए हैं। सोमवार 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है। ये इसी महीने में चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं हैं।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की है। पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है। मई महीने में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी के बजट से लेकर ट्रांसपोर्ट और खेती तक पर दिखाई देने लगा है।
जानें देश की राजधानी में क्या हैं नए रेट?
नई बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गई है। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी।

मध्य प्रदेश में और ज्यादा महंगा हुआ तेल
मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। भोपाल में पेट्रोल ₹114.65 और डीजल ₹99.74 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं इंदौर में पेट्रोल ₹114.54 और डीजल ₹99.57 प्रति लीटर हो गया है। उज्जैन में सबसे ज्यादा कीमत दर्ज की गई है, जहां पेट्रोल ₹115.03 और डीजल ₹100.11 प्रति लीटर पहुंच गया है। जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में भी कीमतों में तेजी देखने को मिली है। राज्य में डीजल की कीमत 100 रुपए के पार पहुंचने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मई के महीने में कब-कब बढ़े दाम?
मई महीने में अब तक चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं -
- 15 मई 2026 — पहली बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।
- 19 मई 2026 — दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।
- 23 मई 2026 — तीसरी बार पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था।
- 25 मई 2026 — चौथी बार पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों का मासिक बजट बिगड़ने लगा है। डीजल महंगा होने का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ता है। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। अगले कुछ दिनों में मालभाड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा खेती की लागत भी बढ़ेगी। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले डीजल पंप चलाना महंगा होगा। इससे किसानों का खर्च बढ़ेगा और अनाज की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। सार्वजनिक परिवहन पर भी असर दिख सकता है। बस, ऑटो और स्कूल वाहनों का किराया बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें सीधे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा रही हैं।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
ईंधन की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक बाजार में तेल महंगा हो गया है।
कुछ समय पहले तक क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चा तेल महंगा होने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और घाटे की भरपाई के लिए कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
Varsha Shrivastava 
