25 February 2026: विधानसभा में उठा इंदौर नगर निगम में स्थाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें

बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवती का हाई-वोल्टेज ड्रामा, जूतों में छिपाकर लाई थी चाकू, घर में घुसकर लोगों को धमकाया

25 February 2026: विधानसभा में उठा इंदौर नगर निगम में स्थाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें

आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रहा निगम, 4 हजार से ज्यादा पद अभी भी रिक्त

इंदौर नगर निगम में अमले की भारी कमी का मामला सामने आया है। खुलासा हुआ है कि निगम को जहां छह हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत है, वहां एक चौथाई अमला भी मौजूद नहीं है। देश के सबसे साफ शहर में नगर निगम के यह हाल है, जहां एक अधिकारी के पास कई विभागों की जिम्मेदारी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब अमला ही नहीं होगा, तो शहर के विकास और सफाई व्यवस्था की रफ्तार कैसे बनेगी।

देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाला इंदौर लगातार 8 सालों से पहले स्थान पर काबिज है। लेकिन इसी शहर का नगर निगम इन दिनों कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। विधानसभा में इंदौर की विधानसभा 5 से भाजपा के विधायक महेंद्र हार्डिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सामने आया है कि नगर निगम को जरूरत के मुताबिक छह हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी चाहिए।

लेकिन हकीकत यह है कि चौथाई पद भी भरे नहीं हैं। वहीं,  आंकड़ों के मुताबिक हजारों पद खाली पड़े हैं और जो अधिकारी मौजूद हैं। उन्हीं के कंधों पर कई-कई विभागों का भार डाल दिया गया है। वहीं, विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि जब नगर निगम के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है, तो करोड़ों के विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कैसे होगी।

इधर सरकार की ओर से जवाब दिया गया है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सफाई कर्मियों और फील्ड स्टाफ की कमी होगी। तो जमीनी स्तर पर व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। हांलाकि, इंदौर महापौर का कहना है की अब नगर निगम जल्द अपने रिक्त पदों भर्ती करेगा। जिसमें पदोन्नति और व्यापमं के माध्यम से पदों को भरा जाएगा।

युवती का हाई-वोल्टेज ड्रामा, जूतों में छुपाकर लाई चाकू, घर में घुसकर किया हंगामा

इंदौर में एक युवती का हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है। स्कीम नंबर 78 से कुमेड़ी इलाके पहुंची युवती ने बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक मकान में घुसकर जमकर हंगामा किया। युवती अपने जूतों में चाकू छुपाकर लाई थी और घर से बाहर निकलने की बात कहकर लोगों को धमकाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बाणगंगा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवती को अपने साथ थाने ले गई। युवती के हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसके हाथ में चाकू साफ दिखाई दे रहा है।

घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र के कुमेड़ी इलाके की है, जहां एक युवती अचानक एक मकान में घुस गई और उसे अपने दोस्त का घर बताते हुए विवाद करने लगी। युवती ने जूतों में चाकू छुपा रखा था और बाहर जाने की बात कहकर आसपास के लोगों को धमकाने लगी। हंगामा बढ़ता देख क्षेत्रीय रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। वही इसकी सूचना मिलते ही बाणगंगा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए युवती को हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती काफी देर तक हंगामा करती रही, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती के हाथ में चाकू दिखाई दे रहा है और वह लोगों से बहस करती नजर आ रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और युवती से पूछताछ की जा रही है।

IVF और सरोगेसी के नाम पर महिला और उसके पति को आठ महीने तक बंधक बनाया

इंदौर में IVF और सरोगेसी के नाम पर महिला उसके पति को आठ महीने तक बंधक बनाकर रखने, बलात्कार करने और पैदा हुए बच्चे का अपहरण किए जाने का रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। लव मैरिड दंपत्ति को झांसे में लेकर एक नामी डॉक्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसा तानाशाही का जाल बिछाया कि पीड़िता 8 महीने तक कैमरों की निगरानी में बंधक बनी रही। यही नहीं, डॉक्टर ने सरोगेसी के नाम पर ब्लैकमेल कर पीड़िता से बलात्कार किया, गर्भवती होने पर दंपत्ति को धमकाते हुए एक फ्लैट में कैद रखा और जन्म के बाद नवजात बच्चे को छीनकर किडनैप कर ले गया।

 इंदौर के प्रसिद्ध अस्पताल से जुड़े एक डॉक्टर द्वारा रचे गए पूरे षड्यंत्र की पीड़ित दंपत्ति द्वारा सबूतों सहित  इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से की है। जहां शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए महिला थाना टीआई को जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई तेज हो गई है। हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के साथ दंपत्ति ने पूरी घटना पुलिस कमिश्नर के सामने रखी। एडवोकेट कुन्हारे के मुताबिक लव मेरिड कपल दंपत्ति  पर काफी कर्जा था जिसके लिए उनके एक परिचित ने एक डॉक्टर से मिलवाया और लोन सेटल करवाने का आश्वासन दिया। मुलाकात के बाद डॉक्टर ने खुद को बड़े हॉस्पिटल का विशेषज्ञ बताते हुए IVF और सरोगेसी के नाम पर पहले विश्वास जीता, फिर कई ब्लैंक स्टाम्प पेपर्स, आधार की कॉपी और धमकियों के दम पर पीड़िता की तीन बार IVF करवाया। लेकिन वह फेल हो गया जिसके बाद दबाव बनाकर महिला को इंदौर के एक प्रसिद्ध होटल ले गया और नशीला पदार्थ मिलाकर बलात्कार किया।

गर्भवती होने पर दंपत्ति को धमकाकर एक फ्लैट में CCTV कैमरों की निगरानी में कैद रखा गया। इस दौरान दोनों पति पत्नी पर ऑडियो सोर्स वाले सीसीटीवी लगाकर निगाह रखी जाती थी। आठवें महीने के दौरान जब महिला को गर्भ में समस्या हुई तो पीड़िता ने मदरहुड हॉस्पिटल में एक पुत्र को जन्म दिया। लेकिन हॉस्पिटल से बाहर निकलते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन छीनकर ले गए, पति का मोबाइल फॉर्मेट किया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। बाद में दंपत्ति को बच्चे से मिलने के लिए दो बार दशहरा मैदान बुलाया गया, जहां पिस्टल दिखाकर डराया गया।

पीड़िता के अनुसार, डॉक्टर के साथियों ने फर्जी क्षतिपूर्ति समझौता, झूठे दस्तावेज और यहां तक कि बच्चे की फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तक तैयार करवाया गया। दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भागने की फिराक में है और बच्चे की जान को भी खतरा है। एडवोकेट कुन्हारे ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन मजबूर महिलाओं का शोषण अभी भी हो रहा है। पीड़िता और उसके बच्चा की पहचान सुरक्षित रखने के लिए आरोपी डॉक्टर का नाम उजागर नहीं किया गया है। यह मामला इंदौर जैसे शहर को झकझोर देने वाला है, महिला थाना पुलिस अब पूरी गंभीरता से मामले की जांच में जुट गई है।

AI वीडियो कॉल से ठगी, नाबालिग की किडनैपिंग के नाम पर माता पिता से वसूले 1 लाख 

इंदौर में साइबर अपराधियों ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर डिजिटल अरेस्ट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। एमआईजी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर के परिवार को वीडियो कॉल कर बंधक बनाए जाने का झांसा दिया गया और चाकू से हमला व गला काटने की धमकी देकर 1 लाख 2 हजार रुपए वसूल लिए गए। खास बात यह रही कि कुछ ही घंटों बाद किशोर सुरक्षित मिला और उसे इस पूरे वीडियो कॉल व तथाकथित डिजिटल अरेस्ट की कोई जानकारी नहीं थी। मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में की गई है, जहां साइबर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है।

दरअसल पीड़ित माता-पिता पूजा प्रजापत और गोविंद प्रजापत के मुताबिक उनका 16 वर्षीय बेटा 2 फरवरी को कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन अज्ञात बदमाशों ने वीडियो कॉल कर बच्चे को बंधक जैसी स्थिति में दिखाया और खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए परिवार को डराना शुरू कर दिया। वीडियो कॉल में किशोर के साथ मारपीट और चाकू से हमला करने की धमकी दी गई। यहां तक कि गला काटने और किडनी बेचने जैसी बातें कहकर परिवार पर मानसिक दबाव बनाया गया।

पहले 30 हजार रुपए मांगे गए और फिर अलग-अलग किश्तों में कुल 1 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जिसमें घबराए परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर रकम जुटाई और आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में भेज दी। इसी बीच कुछ घंटों बाद किशोर ने खुद अपने माता-पिता से संपर्क किया और पहले सांवरिया सेठ मंदिर और फिर देवास में होने की जानकारी दी। परिजन उसे देवास रेलवे स्टेशन से लेकर इंदौर लौटे। किशोर ने बताया कि उसे किसी वीडियो कॉल या डिजिटल अरेस्ट की जानकारी नहीं है। वही इस घटना के बाद दंपत्ति ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए एआई आधारित साइबर ठगी के एंगल से जांच कर रही है और ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

कारों में तोड़फोड़ करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

इंदौर शहर में देर रात तेज रफ्तार बाइक पर घूमकर तीन थाना क्षेत्रों में कारों में तोड़फोड़ करने वाले दो बदमाशों को छत्रीपुरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों की करतूत सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद दोनों आरोपी कान पकड़कर माफी मांगते नजर आए।

मामला इंदौर के चंदन नगर, मल्हारगंज और छत्रीपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां देर रात दो युवक तेज रफ्तार बाइक से घूमते हुए खड़ी कारों और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ कर रहे थे। आरोपियों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़े और इलाके में दहशत फैला दी।वही यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज के आधार पर छत्रीपुरा थाना पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद दोनों बदमाश कान पकड़कर माफी मांगते दिखाई दिए। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया। पुलिस अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है।

इंदौर क्राइम ब्रांच ने करीब साढ़ें 3 लाख की एमडी ड्रग के साथ महिला को किया गिरफ्तार

इंदौर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला हैंडबैग में छुपाकर नशे के आदी लोगों को एमडी ड्रग सप्लाई करती थी। पुलिस ने उसके पास से करीब 3 लाख 40 हजार रुपए की एमडी ड्रग बरामद की है। क्राइम ब्रांच थाना पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह ड्रग्स कहां से लाती थी और किन-किन लोगों को सप्लाई करती थी। पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी कर रही है।

दरअसल इंदौर क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक महिला शहर में एमडी ड्रग की सप्लाई कर रही है। सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर फातिमा मंसूरी नामक महिला को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके हैंडबैग से करीब 3 लाख 40 हजार रुपए कीमत की एमडी ड्रग बरामद की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला मूल रूप से मुंबई की निवासी है और इंदौर में घर-घर जाकर खाना बनाने का काम करती थी। इसी आड़ में वह नशे के आदी लोगों तक एमडी ड्रग पहुंचाने का काम कर रही थी।