हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई: श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पाण्डेय सेवा से बर्खास्त
माननीय उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश के आदेश के पालन में प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंगरौली में पदस्थ श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पाण्डेय को शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया है। इस संबंध में श्रम आयुक्त मध्य प्रदेश संदीप जी. आर. द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। आदेश जारी होते ही प्रशासनिक और श्रम विभाग में हलचल तेज हो गई है।
सिंगरौली: यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा पारित आदेश के परिपालन में की गई है। जानकारी के अनुसार रिट याचिका क्रमांक 6982/2015 में याचिकाकर्ता चंद्रशेखर शर्मा ने श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पाण्डेय की नियुक्ति को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने 11 अप्रैल 2023 को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए श्री पाण्डेय की नियुक्ति को अवैधानिक करार दिया था।
न्यायालय के इस फैसले के बाद नवनीत कुमार पाण्डेय ने आदेश के खिलाफ रिट अपील दायर की थी, लेकिन 4 मई 2023 को उच्च न्यायालय ने उस अपील को भी निरस्त कर दिया। इसके बाद शासन स्तर पर विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए श्रम आयुक्त कार्यालय ने सेवा से पृथक करने की कार्रवाई अमल में लाई।
सूत्रों के अनुसार, न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई लंबित रहने को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर चर्चा होती रही। अब उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन करते हुए यह कार्रवाई किए जाने को प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस संबंध में जब सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पाण्डेय को सेवा से पृथक कर दिया गया है।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को हाईकोर्ट के आदेशों के सख्त अनुपालन और शासन की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।

