डिंडोरी में बारिश में खराब हो रही 50 ट्रक धान, अधिकारी बोले- 5-6 साल पुरानी है

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डिंडोरी में बारिश में खराब हो रही 50 ट्रक धान, अधिकारी बोले- 5-6 साल पुरानी है

डिंडोरी। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में खुले में रखी धान बारिश के कारण खराब होती नजर आई। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने अमरपुर जनपद पंचायत के सिधौली गांव स्थित धान के ओपन कैंप का निरीक्षण किया। यहां करीब 50 ट्रक धान बारिश में भीगती और खराब होती मिली। निरीक्षण का वीडियो भी सामने आया है।

विधायक ने खुले में रखी धान और समय पर मिलिंग के लिए नहीं भेजे जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदी गई धान को इस तरह असुरक्षित तरीके से रखने से शासन को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। विधायक ने मामले में संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।

रास्ते में ओपन कैंप देखकर रुके विधायक

विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने बताया कि शुक्रवार को वे समर्थकों के साथ अमरपुर जनपद पंचायत के सिधौली गांव में आयोजित जन विश्वास अभियान में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में धान का ओपन कैंप दिखाई दिया। विधायक ने वाहन रुकवाकर कैंप का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में धान खुले में रखी मिली। बारिश के कारण कई जगह धान भीगती और खराब होती नजर आई। विधायक के मुताबिक करीब 50 ट्रक धान खुले में थी, जबकि इससे ज्यादा मात्रा में धान पॉलीथिन के अंदर पैक करके रखी गई थी।

विधायक बोले- गरीबों को दे देते तो बेहतर होता

निरीक्षण के दौरान विधायक ने धान को खुले में रखे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब धान का उपयोग नहीं हो रहा था और इतनी बड़ी मात्रा में इसे खुले में रखा गया है, तो इसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

विधायक ने यह भी कहा कि अगर यह धान किसी गरीब को दे दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता। उन्होंने बताया कि कैंप की निगरानी के लिए तीन चौकीदार तैनात हैं।

विधायक के मुताबिक कैंप में रखी कुछ धान को वर्ष 2024 की बताया जा रहा था, जबकि कुछ धान इसी साल की होने की जानकारी सामने आई।

अधिकारी बोले- 5 से 6 साल पुरानी है धान

मामले में डिप्टी कलेक्टर और प्रभारी अधिकारी वैद्यनाथ वासनिक ने बताया कि कैंप में रखी धान करीब 5 से 6 साल पुरानी है। उनके अनुसार इस धान की खरीदी उस समय गोगरिन कंपनी ने की थी।

अधिकारी ने बताया कि धान का उस समय उठाव क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मामले में धान के निपटारे के लिए शासन को DCC (Disposal of Condemned Commodity) का प्रस्ताव भेजा गया है।

नीलामी या गड्ढे में दबाने का प्रस्ताव

अधिकारी के मुताबिक शासन से निर्देश मिलने के बाद धान के निपटारे की कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत धान की नीलामी कराई जा सकती है या फिर उसे गड्ढे में दबाया जा सकता है।

फिलहाल बड़ा सवाल यह है कि अगर धान कई साल से कैंप में पड़ी थी, तो उसका समय पर उठाव और मिलिंग क्यों नहीं कराई गई और बारिश से खराब होने से पहले इसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।