आजमगढ़ एनकाउंटर: पत्नी-बेटे, 2 पुजारियों को मारने वाले आरोपी की मौत, 3 बच्चों को बनाया था बंधक
आजमगढ़ में पत्नी-दो पुजारियों और बेटे की हत्या करने वाला अरविंद एनकाउंटर में ढेर: 7 घंटे तक 3 बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा, बेटे को गोली मारने के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड-टियर गैस से की एंट्री
उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में 4 हत्याओं में बदल गया। Ahiraula थाना क्षेत्र के Shambhupur गांव में आरोपी Arvind Singh (42) ने अपनी पत्नी Babita Singh, दो पुजारियों Mahendra Pathak और Akhilesh Mishra की गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद वह अपने 3 बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया। करीब 7 घंटे तक पुलिस ने उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की। बाद में पुलिस के मुताबिक, कमरे के अंदर से गोली चलने के बाद ATS, SOG और पुलिस टीम ने कार्रवाई की, जिसमें Arvind की मौत हो गई।
पूजा के दौरान आधार कार्ड मांगने पर विवाद
पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, Arvind के घर में पिछले कुछ दिनों से पूजा चल रही थी। मंगलवार को पूजा की पूर्णाहुति होनी थी। घर में Mahendra Pathak, Akhilesh Mishra समेत कई पुजारी मौजूद थे।
शाम करीब 6 बजे Arvind बाजार से घर लौटा। घर में पूजा होते देखकर उसने पुजारियों से सवाल किया और उनके आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि Arvind ने गुस्से में लाइसेंसी हथियार से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी Babita और दो पुजारियों की मौत हो गई। घटना की पुष्टि शुरुआती पुलिस जानकारी और स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है।
बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया
फायरिंग के बाद घर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। Arvind अपने 3 बच्चों को लेकर कमरे में चला गया और खुद को अंदर से बंद कर लिया। बाहर पुलिस की टीम पहुंची तो उसने बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इलाके को घेर लिया। अधिकारियों ने बातचीत के जरिए उसे समझाने की कोशिश शुरू की। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती थी। करीब सात घंटे तक पुलिस उससे लगातार बातचीत करती रही।
रात में बेटे को गोली मारने के बाद बढ़ा संकट
पुलिस के मुताबिक, काफी देर तक समझाने के बावजूद Arvind बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के अनुसार, Arvind ने अपने बेटे को गोली मार दी।
इसके बाद पुलिस ने किसी और अनहोनी को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की। टीम ने stun grenade और tear gas का इस्तेमाल किया और घर में प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, Arvind ने टीम पर भी फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
ATS और SOG ने संभाला ऑपरेशन
बंधक संकट लंबा खिंचने के बाद ATS और SOG की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घर को चारों तरफ से घेरकर ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस का प्रयास पहले बातचीत के जरिए Arvind को सरेंडर कराने का था, लेकिन स्थिति बिगड़ने के बाद फोर्स एंट्री करनी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा ऑपरेशन करीब 8 घंटे तक चला। पुलिस ने पहले बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की और अंदर से फायरिंग की आवाज आने के बाद कार्रवाई तेज की।
भाई की हत्या के बाद परिवार में चल रहा था विवाद
Arvind के परिवार से जुड़ा एक पुराना विवाद भी सामने आया है। उसके बड़े भाई Sunil Singh की साल 2018 में हत्या कर दी गई थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, Sunil Maharashtra में रहते थे और Balasaheb Thackeray के जनसंपर्क अधिकारी यानी PRO के तौर पर काम कर चुके थे।
परिवार के अनुसार, Sunil की हत्या के मामले में उनके चचेरे भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस पुराने विवाद का Arvind के मौजूदा व्यवहार से क्या संबंध था, इसकी आधिकारिक जांच अभी महत्वपूर्ण होगी।
पूजा को लेकर परिवार में क्या बताया गया?
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, घर में Arvind के बड़े भाई Sunil की आत्मा की शांति के लिए पूजा कराई जा रही थी। इसी दौरान Arvind और घर में मौजूद लोगों के बीच विवाद हुआ। हालांकि, पूजा और हत्या के बीच संबंध को लेकर सामने आई अलग-अलग बातों की पुलिस जांच कर रही है। शुरुआती पुलिस जानकारी के आधार पर बताया गया है कि घर में पूजा चल रही थी और Arvind के आने के बाद पुजारियों से विवाद हुआ।
जांच में सामने आएंगे घटना के बाकी पहलू
इस पूरी घटना में Arvind की पत्नी Babita Singh, पुजारी Mahendra Pathak और Akhilesh Mishra की मौत हुई। बाद में Arvind की पुलिस कार्रवाई में मौत हुई और उसके बेटे की भी गोली लगने के बाद जान चली गई। इस तरह घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इसमें फायरिंग की शुरुआत कैसे हुई, हथियार का इस्तेमाल किस तरह हुआ और बंधक संकट के दौरान घटनाक्रम किस क्रम में आगे बढ़ा, इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। मौके से मिले हथियार और अन्य सबूत भी जांच का हिस्सा होंगे।
Varsha Shrivastava 
