Team India Fitness Rules: BCCI ने बदल दिए फिटनेस के सारे पैरामीटर

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद BCCI ने टीम इंडिया के लिए नए फिटनेस नियम लागू किए हैं। ब्रोंको टेस्ट, 2K रनिंग टेस्ट और सख्त फिटनेस पैरामीटर अब सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होंगे।

Team India Fitness Rules: BCCI ने बदल दिए फिटनेस के सारे पैरामीटर

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर उठे सवालों के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने, मैदान पर क्रैम्प्स की समस्या और अहम मुकाबलों से पहले स्टार खिलाड़ियों के बाहर होने से बोर्ड अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है। इसी के चलते फिटनेस टेस्ट के पैरामीटर बदल दिए गए हैं और साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी खिलाड़ी को कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी।

ब्रोंको टेस्ट के लिए तय हुआ नया टाइम लिमिट

पिछले साल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स की नियुक्ति के बाद टीम इंडिया की फिटनेस जांचने का तरीका बदला गया था। मशहूर यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिकता दी गई।

अब BCCI ने ब्रोंको टेस्ट के लिए पहली बार तय समय सीमा भी निर्धारित कर दी है। खिलाड़ियों को यह टेस्ट 5 मिनट 15 सेकेंड से 5 मिनट 20 सेकेंड के भीतर पूरा करना होगा। इससे पहले इस टेस्ट के लिए कोई निश्चित समय तय नहीं था।

2 किलोमीटर रनिंग टेस्ट भी हुआ अनिवार्य

ब्रोंको टेस्ट के साथ अब 2K रनिंग टेस्ट भी लागू किया गया है। नए नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की दौड़ 9 से 10 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी। पहले फिटनेस का मुख्य आधार यो-यो टेस्ट था, जिसमें न्यूनतम स्कोर 16.5 रखा गया था।

अब किसी खिलाड़ी को नहीं मिलेगी राहत

रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI को पता चला कि पिछले कुछ समय में कुछ सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट में आसान लक्ष्य दिए जा रहे थे। इसका असर टीम की फील्डिंग और विकेटों के बीच दौड़ने की क्षमता पर साफ दिखाई दिया।

इसी को देखते हुए BCCI सचिव देवजीत सैकिया और टीम मैनेजमेंट ने फिजियो कमलेश जैन से नाराजगी जताई है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब किसी भी खिलाड़ी को उसके अनुभव या कद के आधार पर फिटनेस में छूट नहीं दी जाएगी। यदि किसी खिलाड़ी की फिटनेस में कोई समस्या होगी तो उसकी तुरंत रिपोर्ट देनी होगी।

लगातार चोटों से बढ़ी टीम मैनेजमेंट की चिंता

श्रीलंका दौरे से पहले ही टीम इंडिया के कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हो चुके हैं। जसप्रीत बुमराह टेस्ट सीरीज नहीं खेल रहे हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी भी फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं।

कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि लगातार चोटों के कारण टीम की सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन चुनना मुश्किल हो रहा है।

CoE के कामकाज पर भी उठे सवाल

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि BCCI टीम मैनेजमेंट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की कार्यप्रणाली से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

जसप्रीत बुमराह को लेकर पहले भरोसा दिलाया गया था कि वह समय पर फिट हो जाएंगे, लेकिन रिहैब और इलाज के बावजूद वह उपलब्ध नहीं हो सके।

वहीं हर्षित राणा का मामला भी चर्चा में है। उन्हें पहले चोटिल बताकर टीम से बाहर किया गया, जबकि बाद में सामने आया कि उन्हें केवल क्रैम्प्स थे। इसके अलावा उनका वजन भी तय सीमा से अधिक पाया गया। चयन के समय उनका वजन 97 किलोग्राम था, जबकि बाद में अधिकतम सीमा 96 किलोग्राम तय की गई। फिलहाल उनका वजन 94 किलोग्राम बताया जा रहा है और जल्द फिटनेस क्लियरेंस मिलने की संभावना है।

खिलाड़ियों और CoE के बीच कम्युनिकेशन गैप

रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ियों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच समन्वय की भी कमी सामने आई है। श्रीलंका दौरे से पहले मोहम्मद सिराज समेत कई खिलाड़ियों को अचानक नए फिटनेस टेस्ट देने पड़े, जबकि उन्हें पहले से नए मानकों की पूरी जानकारी नहीं थी। अब BCCI ने सभी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को नए फिटनेस पैरामीटर लिखित रूप में उपलब्ध करा दिए हैं।

बड़ी सीरीज से पहले फिटनेस पर फोकस

2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान BCCI का इंजरी मैनेजमेंट काफी सफल माना गया था। उस समय खिलाड़ियों के वर्कलोड के अनुसार अलग-अलग प्लान बनाए जाते थे। लेकिन अब बोर्ड फिटनेस के मामले में और अधिक सख्ती अपनाने जा रहा है।

आने वाले महीनों में टीम इंडिया को श्रीलंका टेस्ट सीरीज, न्यूजीलैंड दौरा, एशियन गेम्स और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना है। ऐसे में BCCI फिटनेस के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहा है।