CBSE के चेयरमैन-सचिव हटाए गए, OSM गड़बड़ी और साइबर अटैक के बाद शिक्षा मंत्रालय सख्त

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और कम अंक मिलने की शिकायतों के बाद बोर्ड ने जांच कमेटी गठित की है, जबकि मामले की गूंज संसद तक पहुंच गई है। वहीं, CBSE पोर्टल पर साइबर अटैक के बावजूद हजारों छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया और शिक्षा मंत्रालय ने टेंडर प्रक्रिया को लेकर रिपोर्ट तलब की है।

CBSE के चेयरमैन-सचिव हटाए गए, OSM गड़बड़ी और साइबर अटैक के बाद शिक्षा मंत्रालय सख्त
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CBSE ने बोर्ड चेयरमैन और सेक्रेटरी को हटा दिया है। यह फैसला छात्रों की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 2 जून को लिया गया। दरअसल, OSM को लेकर स्टूडेंट्स ने CBSE से शिकायत की थी, जिसके बाद बोर्ड ने OSM सर्विस की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

वहीं, मंगलवार को CBSE के पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। बोर्ड ने बताया कि री-इवैल्यूएशन और अंकों के वेरिफिकेशन के लिए 2 मिनट के अंदर 15 लाख एक्सेस हिट्स किए गए। ये सभी हिट्स सिस्टम में मौजूद फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने के लिए किए गए थे।

हालांकि, साइबर अटैक के बाद भी दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने आवेदन किया। बता दें कि CBSE के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट में इस बार कई अनियमितताएं देखी गईं। कई बच्चों को कम नंबर मिले, जबकि कुछ छात्रों की आंसर शीट ही बदल दी गई। वहीं, OSM सिस्टम की वजह से भी कई स्टूडेंट्स को कम मार्क्स मिले।

CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद अब संसद तक पहुंच गया है। 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश होकर OSM प्रणाली और टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े अपने निष्कर्ष साझा किए।

वहीं, आंसर शीट में कथित बदलाव और कम अंक मिलने के आरोपों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से COEMPT को टेंडर दिए जाने पर रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के मुताबिक, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।