Alakh Pandey को Delhi High Court से बड़ी राहत! फर्जी कंटेंट हटाने और अकाउंट की जानकारी देने का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने Alakh Pandey की पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने कुछ URLs हटाने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को संबंधित अकाउंट्स की जानकारी देने का निर्देश दिया है.

Alakh Pandey को Delhi High Court से बड़ी राहत! फर्जी कंटेंट हटाने और अकाउंट की जानकारी देने का आदेश

नई दिल्ली. फिजिक्स वल्लाह (Physics Wallah) के संस्थापक और मशहूर शिक्षक अलख पांडे को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने इंटरनेट पर मौजूद कुछ ऐसे लिंक (URLs) हटाने का आदेश दिया है जिनमें अलख पांडे के नाम, तस्वीर और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा था.

कोर्ट ने Meta, Google, X और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह भी निर्देश दिया है कि जिन अकाउंट्स पर इस तरह का कंटेंट अपलोड किया गया है, उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी अदालत के सामने उपलब्ध कराई जाए. इससे मामले की आगे जांच और कानूनी कार्रवाई में मदद मिलेगी.

अलख पांडे ने अपनी याचिका में कहा था कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, फोटो, आवाज और पढ़ाने के अंदाज का इस्तेमाल कर कंटेंट बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे उनकी पहचान और प्रतिष्ठा पर असर पड़ रहा है और कुछ लोग इससे आर्थिक फायदा भी उठा रहे हैं.

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने माना कि पहली नजर में यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स के संरक्षण से जुड़ा है. इसलिए फिलहाल जिन लिंक पर आपत्ति जताई गई है, उन्हें हटाने का निर्देश दिया गया है. साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से उन यूजर्स की जानकारी मांगी गई है जिन्होंने यह सामग्री अपलोड की है.

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि हर तरह के ऑनलाइन कंटेंट को एक नजर से नहीं देखा जा सकता. व्यंग्य (Satire) और पैरोडी (Parody) जैसी अभिव्यक्तियों और किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले कंटेंट के बीच अंतर करना जरूरी है. इसी आधार पर आगे मामले की सुनवाई होगी.

यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि डिजिटल दौर में किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर अदालतों के सामने लगातार नए मामले आ रहे हैं. दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.