बाल झड़ने से हैं परेशान : लाइफस्टाइल में ये बदलाव आ सकते हैं काम, जानें हेल्दी बालों के लिए क्या करें
Hair Fall Care Routine : अचानक और ज्यादा बाल झड़ना अक्सर बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, पोषण की कमी और प्रदूषण के कारण होता है। लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
Hair Fall Care Routine: अगर सामान्य से ज्यादा बाल अचानक झड़ने लगे हैं, तो इसे सिर्फ मौसम या शैंपू का असर समझकर नजरअंदाज न करें। तनाव, खान-पान में कमी, हार्मोनल बदलाव, बीमारी के बाद शरीर पर पड़ा असर और बालों पर होने वाली केमिकल या हीट स्टाइलिंग भी इसके पीछे वजह हो सकती है। सही कारण समझकर लाइफस्टाइल और हेयर केयर रूटीन में बदलाव करने से कई मामलों में हेयर फॉल को कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, आजकल कम उम्र में भी कई लोग बालों के झड़ने और टूटने की शिकायत कर रहे हैं। हर दिन कुछ बालों का गिरना सामान्य माना जाता है, लेकिन जब अचानक बालों का झड़ना बढ़ जाए या बाल पहले की तुलना में काफी पतले नजर आने लगें, तो इसके पीछे किसी अंदरूनी कारण की संभावना भी हो सकती है।
अचानक ज्यादा बाल झड़ने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

तनाव भी हो सकता है एक कारण
लंबे समय तक रहने वाला तनाव या किसी बड़े भावनात्मक सदमे का असर शरीर के साथ-साथ बालों पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में तनाव के कुछ समय बाद अचानक बाल ज्यादा गिरने लगते हैं। इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है, जिसमें ज्यादा बाल एक साथ झड़ने के चरण में चले जाते हैं।
डाइट में पोषण की कमी
बालों की ग्रोथ के लिए शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। अगर डाइट में प्रोटीन, आयरन या कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी है, तो इसका असर बालों की सेहत पर पड़ सकता है। लंबे समय तक अनियमित खान-पान या बहुत कम कैलोरी वाली डाइट भी हेयर फॉल की वजह बन सकती है।
हार्मोनल बदलाव
शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी बालों के झड़ने को प्रभावित कर सकते हैं। थायरॉइड से जुड़ी समस्या, PCOS/PCOD और प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों के दौरान कुछ महिलाओं में हेयर फॉल बढ़ सकता है। अगर बाल झड़ने के साथ पीरियड्स अनियमित होना, वजन में बदलाव, मुंहासे या चेहरे पर अनचाहे बाल जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
बीमारी के बाद बढ़ सकता है हेयर फॉल
डेंगू, कोविड, टाइफाइड या तेज बुखार जैसी बीमारी के कुछ समय बाद अचानक बाल ज्यादा झड़ने लग सकते हैं। कई मामलों में यह शरीर पर बीमारी के प्रभाव के कारण होने वाला अस्थायी हेयर लॉस होता है और समय के साथ इसमें सुधार हो सकता है। कुछ दवाइयों के कारण भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद हेयर फॉल में बदलाव नजर आए, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करें और अपनी मर्जी से दवा बंद न करें।
स्कैल्प की समस्या को नजरअंदाज न करें
स्कैल्प में लगातार खुजली, लालिमा, ज्यादा रूसी, पपड़ी या दर्द जैसी समस्या हो तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ हेयर ऑयल या शैंपू बदलने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
बहुत ज्यादा टाइट हेयरस्टाइल
लगातार कसकर पोनीटेल, जूड़ा या ऐसी हेयरस्टाइल बनाने से बालों की जड़ों पर खिंचाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा करने पर हेयरलाइन के आसपास बाल पतले होने लग सकते हैं। इसे ट्रैक्शन एलोपेशिया कहा जाता है। वहीं अगर धीरे-धीरे हेयरलाइन पीछे जा रही है या सिर के बीच की पार्टिंग चौड़ी होती जा रही है और परिवार में भी ऐसी समस्या रही है, तो यह पैटर्न हेयर लॉस का संकेत हो सकता है।
हेयर फॉल कम करने के लिए क्या करें?
बालों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है। डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं और क्रैश डाइटिंग से बचें। तनाव को कम करने के लिए पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें। स्कैल्प को साफ रखें और अपनी जरूरत के अनुसार नियमित रूप से शैंपू करें। डैंड्रफ या स्कैल्प की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो विशेषज्ञ की सलाह लें। बालों को बहुत ज्यादा कसकर न बांधें। स्ट्रेटनर, कर्लर और ज्यादा हीट वाले स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल सीमित रखें। बार-बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से बचें। गीले बालों को जोर से न रगड़ें और उन्हें सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें।

क्या तेल लगाने से बाल दोबारा उगते हैं?
बालों में तेल लगाने से स्कैल्प और बालों को कंडीशनिंग मिल सकती है और रूखेपन को कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन सिर्फ तेल लगाने से नए बाल उगने की गारंटी नहीं होती। अगर बाल लगातार या बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, तो इसके मूल कारण का पता लगाना ज्यादा जरूरी है।

हेल्दी बालों के लिए डाइट में क्या शामिल करें?
बालों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पोषक आहार जरूरी है। डाइट में अलग-अलग खाद्य पदार्थ शामिल करके शरीर को जरूरी पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। प्रोटीन के लिए अंडा, दाल, पनीर, दही और सोया जैसे खाद्य पदार्थ। आयरन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, तिल और अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ। ओमेगा-3 के लिए अखरोट, अलसी और मछली जैसे स्रोत। विटामिन C के लिए आंवला, संतरा, अमरूद और नींबू जैसे फल और विटामिन और मिनरल्स: नट्स, बीज और साबुत अनाज को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। विटामिन D के लिए धूप के साथ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं। वहीं जिंक और अन्य मिनरल्स के लिए बीज, नट्स और संतुलित आहार को प्राथमिकता दें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें, सिर पर खाली पैच दिखाई दें, हेयरलाइन तेजी से पीछे जा रही हो या स्कैल्प में खुजली, लालिमा और दर्द जैसी समस्या भी हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। हेयर फॉल का कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। इसलिए सिर्फ किसी एक घरेलू उपाय या सप्लीमेंट को इसका समाधान मानने के बजाय पहले कारण समझना जरूरी है।
Anjali 
