विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद किया और ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ की शुरुआत को लेकर जिला समृद्धि मॉडल की बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो और हर ग्रामीण परिवार के पास आय के कम से कम दो-तीन साधन हों।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मैं सपनों का सौदागर हूं, दिन में भी सपना देखता हूं। मेरा सपना यही है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो।” उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ विदिशा में ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए नया मॉडल शुरू किया गया है।

‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ में परिवारों को आजीविका से जोड़ने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छोटे किसानों को आधुनिक खेती के साथ गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। लक्ष्य है कि ग्रामीण परिवारों के पास आय के एक से ज्यादा साधन हों।
महिलाओं को भी अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा लखपति दीदी बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत दिलाना भी जरूरी है।
इसके लिए किसानों को एफपीओ के जरिए सामूहिक बिक्री, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ने की योजना है। प्रशिक्षण के साथ बैंक लिंकेज की व्यवस्था भी की जाएगी।

15 हजार युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विदिशा जिले में करीब 15 हजार युवाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़कर उनका काम-धंधा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।
आरसेटी के जरिए युवाओं और बेटियों को ब्यूटीशियन, सिलाई समेत अलग-अलग रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। करीब 30 दिन के प्रशिक्षण के बाद युवाओं से उनके रोजगार की योजना के बारे में जानकारी ली जा रही है।
उन्होंने बताया कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण ले रहीं बेटियों में करीब 70 प्रतिशत ने नौकरी के बजाय खुद का काम शुरू करने की इच्छा जताई है। ऐसे युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी।

रियल टाइम डैशबोर्ड से होगी विकास की मॉनिटरिंग
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिले के विकास की निगरानी के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पानी, रोजगार, महिलाओं और किसानों की आय, कौशल विकास, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे मानकों के आधार पर ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर छह महीने में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक और जिले के विकास की समीक्षा की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि कितने परिवारों की आय बढ़ी, कितनी महिलाएं लखपति दीदी बनीं, कितना जल संरक्षण हुआ और कितने स्वयं सहायता समूह और एफपीओ बाजार से जुड़े।
उन्होंने कहा कि विकास का आकलन सिर्फ अधिकारियों और कर्मचारियों के आधार पर नहीं होगा, बल्कि ग्राम सभा से फीडबैक लेकर समुदाय की भागीदारी को भी शामिल किया जाएगा।

2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गरीबी मुक्त गांव का प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और ग्राम पंचायत विकास की कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव पारित किए जाएं। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पंचायत, जल संसाधन, कौशल विकास और आजीविका मिशन जैसी योजनाओं को एक साथ जोड़कर काम करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस मॉडल में केंद्र और राज्य सरकार के साथ जिला प्रशासन, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों, सीएसआर और वित्तीय संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा।
गणेश उत्सव में बच्चों को दिया माता-पिता के सम्मान का संदेश
विदिशा दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान बाढ़ वाले गणेश मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद उन्होंने वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में हिस्सा लिया और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने भगवान गणेश और कार्तिकेय की कथा सुनाते हुए बच्चों को माता-पिता के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे काम करना ही सच्चा धर्म है। सच बोलना, दूसरों की मदद करना और अच्छे कार्यों के लिए आगे बढ़ना भी धर्म है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अपील की। साथ ही कहा कि 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे और 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी।
विदिशा का हर गांव गरीबी मुक्त हो, शुरू हुआ ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’