बच्चा गोद लेने पर मिलेगी Maternity leave, Surrogacy में भी 12 महीने की छुट्टी

कोर्ट ने पुराने नियमों को संविधान के आर्टिकल 14 (Right to Equality) और आर्टिकल 21 (Right to Life) का उल्लंघन बताया। अब हर गोद लेने वाली मां को 12 महीने की मेटरनिटी लीव दी जाएगी।

बच्चा गोद लेने पर मिलेगी Maternity leave, Surrogacy में भी 12 महीने की छुट्टी

अगर बच्चा सरोगेसी से हुआ है या आपने गोद लिया है, तब भी आपको मेटरनिटी लीव मिलेगी। यह कहना है सुप्रीम कोर्ट का, जिसने हाल ही में मेटरनिटी लीव पर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के पुराने नियम को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मेटरनिटी लीव गोद लेने वाली मां को तभी मिलेगी जब बच्चा 3 महीने से छोटा होगा।

सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (The Code on Social Security, 2020) भारत सरकार द्वारा पारित एक श्रम कानून है, जिसमें श्रमिकों के स्वास्थ्य देखभाल, पेंशन और अन्य सुरक्षा लाभ का प्रावधान है। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अनुसार पहले उन्हीं गोद लेने वाली मां को मेटरनिटी लीव मिलती थी, जो 3 महीने से कम उम्र का बच्चा गोद लेती थीं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चा 3 महीने का हो या उससे बड़ा, उसे नए पेरेंट्स के साथ ढलने में समय लगता है।

कोर्ट ने पुराने नियमों को संविधान के आर्टिकल 14 (Right to Equality) और आर्टिकल 21 (Right to Life) का उल्लंघन बताया। अब हर गोद लेने वाली मां को 12 महीने की मेटरनिटी लीव दी जाएगी।

साथ ही यह नियम सरोगेसी के जरिए मां बनने वाली महिलाओं पर भी लागू होगा, यानी उन्हें भी 12 महीने की मेटरनिटी लीव दी जाएगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) के लिए भी नियम-कानून बनाने को कहा है।