MP के 7,400+ मेधावी छात्रों को मिली स्कूटी : CM डॉ. मोहन यादव बोले - छात्रों की मेहनत को मिली नई रफ्तार
Mukhyamantri Scooty Scheme : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी।
Mukhyamantri Scooty Scheme : भोपाल। बच्चों की मेहनत को आज नई रफ्तार मिली है और उनके बड़े-बड़े सपनों को नई उड़ान मिली है। यह बात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के अंतर्गत भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थी स्कूटी वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही है।
मध्यप्रदेश सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी दे रही है। आज मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की गई है।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 19, 2026
हमारे प्रदेश के बच्चे मेडिकल, लॉ, सीए, एग्रीकल्चर सहित अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं और अपनी पहचान बना रहे हैं : CM @DrMohanYadav51… pic.twitter.com/53Zymo9xr0
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया एवं छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही स्कूटी की सवारी कर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में इस साल बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य किया गया है।

बच्चों की योग्यता से माता-पिता का बढ़ता है गौरव
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख रुपए तक कीमत वाली स्कूटी प्रदान की जा रही है। स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि, जब कोई बच्चा अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर घर में स्कूटी लेकर आता है, तो माता-पिता, गांव और समाज का गौरव बढ़ता है। प्रदेश सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है।

आधुनिक तरीके से एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू कर रहे बच्चे
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि एक समय प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, आज विद्यार्थी अपने भविष्य और करियर को लेकर बड़े सपने देख रहे हैं। विद्यार्थी पुश्तैनी व्यवसाय और खेती-किसानी को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने के साथ एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाना चाहते हैं। नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में युवा आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगभग 2,600 करोड़ रुपए था, जबकि वर्तमान में स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बीते वर्ष प्रदेश का कुल बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए रहा, जो विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात मिली है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

प्राथमिक स्कूलों में अब ड्राप आउट दर शून्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्राप आउट दर 16 प्रतिशत थी। आज यह ड्राप आउट दर शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में प्राइवेट स्कूलों तक को पीछे छोड़ रहे हैं। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं।
नि:शुल्क स्कूटी वितरण मेधावी विद्यार्थियों और कठिनाई के बीच से निकले बच्चों का सम्मान है, जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। सीएम ने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी भी ऐसे ही कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। कल ही प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव हम सबने मनाया है।

गरीब से गरीब का भी बैंक खाता खुल चुका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनमोहन सिंह दो बार देश के प्रधानमंत्री बने, रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे लेकिन जो काम अर्थशास्त्र के बड़े-बड़े जानकार नहीं कर पाए वह प्रधानमंत्री मोदी ने कर दिखाया। आज गरीब से गरीब का भी बैंक खाता खुल चुका है। सरकारी योजनाओं और मदद की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में पहुंचती है। एक गरीब घर से निकले प्रधानमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से सीधे जरूरतमंदों को मदद पहुंचाने का रास्ता खोज निकाला। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में डिजिटल पेमेंट सिस्टम और कोविड के टीके लगाने के बड़े काम हुए हैं।

बच्चे उच्च शिक्षा लेकर आगे बढ़ें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, क्योंकि जीएसटी सिस्टम के कारण इस फील्ड में करियर के अवसर बढ़े हैं। बच्चे उच्च शिक्षा लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य आपके हाथों में है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, लेकिन जब आप पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, तो देश दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा।

सरकार विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही
दुनिया के समाने बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने के लिए भारतवासी पूरी तरह सक्षम हैं। हमारी सरकार युवाओं शक्ति और प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए अमृतकाल में विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा से बातचीत की
CM डॉ. मोहन यादव ने स्कूटी प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी राय से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि वह आगे की पढ़ाई के लिए किस विषय में एडमिशन ले रही हैं। खुशी ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रही हैं और साथ में बीकॉम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने उसके परिवार के बारे में भी पूछा। खुशी ने बताया कि परिवार में उसके मम्मी-पापा हैं। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रा से हल्के-फुल्के अंदाज में परिवार को लेकर बातचीत की और उसे स्कूटी मिलने पर बधाई देते हुए आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं।
95% अंक वाले शब्द अहिरवार से भी सीएम ने की बात
मुख्यमंत्री ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सुभाष के विद्यार्थी शब्द अहिरवार से भी बातचीत की। शब्द ने बताया कि उसने 12वीं में 95% अंक हासिल किए हैं। परिवार के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके पिता और मां नहीं हैं और वह चाचा-चाची के साथ रहता है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि उसे किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, जिस पर शब्द ने कहा कि उसे कोई परेशानी नहीं है।

शब्द ने बताया कि वह सीए की तैयारी कर रहा है। परिवार में किसी के सर्विस या बिजनेस में होने के सवाल पर उसने बताया कि ऐसा कोई नहीं है। उसने कहा कि फाइनेंस और अकाउंट्स में उसकी रुचि है, इसलिए उसने सीए बनने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने उसकी रुचि और लक्ष्य की सराहना की।
आकाश साहू ने कहा- एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करूंगा
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी आकाश साहू से भी बातचीत की। आकाश ने बताया कि उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं और उसके पिता कार्यक्रम में आए हैं। स्कूटी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने उससे पूछा कि क्या यह उसकी पहली गाड़ी है। आकाश ने बताया कि घर में उसके पिता के पास पहले से वाहन है। मुख्यमंत्री ने उसे वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह भी दी।

आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर आकाश ने बताया कि वह अपना एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। उसने बताया कि वह एग्रीकल्चर का छात्र है और 12वीं में उसके 95.2% अंक आए हैं। उसके पिता गेहूं और सोयाबीन की खेती करते हैं और सालाना करीब 4 से 5 लाख रुपए की कमाई होती है।
आकाश ने बताया कि वह ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के माध्यम से फल और सब्जियों की सप्लाई का काम शुरू करना चाहता है। उसने इसके लिए ब्लिंकिट जैसी कंपनी के माध्यम से फल-सब्जी सप्लाई का काम करने की योजना बताई। मुख्यमंत्री ने उसकी जानकारी और उद्यम शुरू करने के विचार की सराहना करते हुए उसे शुभकामनाएं दीं।
CM ने शास्त्री कन्या शिक्षा परिसर की छात्रा रानी सांडवा से की बातचीत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शास्त्री कन्या शिक्षा परिसर की छात्रा रानी सांडवा से बातचीत की। रानी ने बताया कि उसके नानी सापले का एक्सीडेंट हो गया था। वह उनके इलाज के दौरान उनके साथ रही और इस दौरान करीब तीन महीने तक अनकॉन्शियस रहने के बाद जब परीक्षा का समय आया तो उसने वापस जाकर परीक्षा दी। मुख्यमंत्री ने उसके हौसले की सराहना करते हुए उसे बधाई दी।

रानी ने बताया कि उसके परिवार में भाई, माता-पिता हैं। पिता खेती करते हैं, जबकि मां हाउसवाइफ हैं। आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर उसने कहा कि वह लॉयर बनना चाहती है।
रानी ने बताया कि नौवीं कक्षा से ही उसे आर्ट्स और लॉ में रुचि है। मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में उससे पूछा कि वह सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में वकील बनना चाहती है, जिस पर रानी ने कहा कि अभी तय नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने उसे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की शुभकामनाएं दीं।
NEET की तैयारी कर रही स्टूडेंट से मिले CM
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी मिनी जैन से बातचीत की। मिनी ने बताया कि वह परिवार में सबसे छोटी है। उसके परिवार में चार बहनें और दो भाई हैं। उसकी एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दो बहनें नौकरी करती हैं। उसके पिता की कपड़ों की दुकान है।

आगे क्या बनना चाहती हैं, इस सवाल पर मिनी ने बताया कि वह नीट की तैयारी कर रही है और डॉक्टर बनना चाहती है। मुख्यमंत्री ने उसे शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों के बीच अलग-अलग विषयों के प्रति रुचि को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत की।
छात्र देवेश ने कहा- डेटा साइंटिस्ट बनना चाहता हूं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थी देवेश गुप्ता से बातचीत की। देवेश ने बताया कि उसने संदीपनी महात्मा गांधी स्कूल से पढ़ाई की है। स्कूल की सुविधाओं के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वहां स्मार्ट बोर्ड के जरिए पढ़ाई होती है और विद्यार्थियों को प्रयोग भी कराए जाते हैं। केमिस्ट्री और मैथ्स के लिए अच्छे फैकल्टी हैं और स्कूल में पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
देवेश ने बताया कि उसके निजी स्कूल में पढ़ने वाले दोस्त भी हैं। दोस्तों से स्कूल की सुविधाओं को लेकर बातचीत होती है और वह उन्हें बताता है कि यहां भी अच्छी सुविधाएं मिलती हैं और मेहनत करने पर विद्यार्थी अच्छा कर सकते हैं। आगे का लक्ष्य पूछने पर देवेश ने कहा कि वह डेटा साइंटिस्ट बनना चाहता है।

डेटा साइंस के क्षेत्र में क्या करना चाहता है, इस पर देवेश ने बताया कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के डेटा का विश्लेषण कर उनके इलाज से जुड़े समाधान तलाशना चाहता है। इसके साथ ही भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर भविष्य में आने वाली समस्याओं के लिए पहले से तैयारी करने की दिशा में काम करना चाहता है।
देवेश ने बताया कि डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए बीटेक जैसी तकनीकी शिक्षा के साथ कंप्यूटर साइंस और डेटा साइंस की पढ़ाई जरूरी है। पाइथन जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, स्टैटिस्टिक्स और प्रोबेबिलिटी की जानकारी भी जरूरी होती है। उसने कहा कि डेटा साइंस में भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण कर पहले से तैयारी करने पर काम किया जाता है।

सरकार की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर देवेश ने कहा कि पढ़ाई के दौरान सरकारी योजनाओं और छात्रवृत्तियों का लाभ मिलता है। उसने एमपी पोर्टल पर उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को स्कूटी योजना के लिए धन्यवाद दिया। देवेश ने बताया कि उसकी बड़ी बहन ने भी उसे स्कूटी मिलने पर आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
93.2% अंक लाने वाली मरियम भी CA बनना चाहती है
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी मरियम खान से बातचीत की। मरियम ने बताया कि उसने 12वीं में 93.2% अंक हासिल किए हैं। परिवार में अम्मी-अब्बा और दो छोटे भाई हैं। आगे के लक्ष्य के बारे में पूछने पर मरियम ने भी सीए बनने की इच्छा बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में कई विद्यार्थी सीए बनने की बात कह रहे हैं।
मरियम ने बताया कि वह एक्सीलेंस इंस्टीट्यूट से बीकॉम कर रही है। मुख्यमंत्री ने उसे बधाई देते हुए स्कूटी संभालकर चलाने और हेलमेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

रवि ने 93.4% अंक हासिल किए, बोला- सीए बनना चाहता हूं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के आनंद नगर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी रवि से भी बातचीत की। रवि ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट नगर में रहता है और 12वीं में उसके 93.4% अंक आए हैं। परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं। दोनों भाई उससे बड़े हैं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि परिवार में पहले किसी को इस तरह की सुविधा मिली है या नहीं, जिस पर रवि ने बताया कि पहले किसी को कुछ नहीं मिला।

सवाल पर रवि ने कहा कि वह सीए बनना चाहता है। मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कार्यक्रम में बातचीत कर रहे विद्यार्थियों में कई सीए बनने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि विद्यार्थी अकाउंट्स और इकोनॉमी के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं। रवि ने बताया कि उसके पिता कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि मां हाउसवाइफ हैं। मुख्यमंत्री ने उसे स्कूटी मिलने पर बधाई और आगे के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस बार नियमों में बदलाव
इस बार मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के पात्रता नियमों में बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 से योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में कम से कम 70% अंक हासिल करना जरूरी है। इसके साथ ही विद्यार्थी का अपने स्कूल में प्रथम स्थान पर होना भी अनिवार्य किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह मौजूद। CM ने बच्चों पर फूल बरसाए और उनका सम्मान किया।


