Rewa Medical College के Dean Dr. Sunil Agarwal का तबादला, Satna में अधीक्षक की जिम्मेदारी
Kalpana Mishra मौत मामले के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, Dr. Sunil Agarwal को Satna भेजा गया, कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, Vikrant Bhuri ने सरकार को घेरा
Rewa। प्रसूता Kalpana Mishra और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में Rewa में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब Shyam Shah Medical College Rewa के Dean Dr. Sunil Agarwal का तबादला कर दिया गया है। Madhya Pradesh Government के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने उन्हें Satna Medical College स्थानांतरित करते हुए वहां अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है।
Dr. Sunil Agarwal को Satna भेजा गया
विभाग की ओर से 6 September को जारी आदेश के अनुसार Dr. Sunil Agarwal को Satna Medical College का अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, Satna Medical College के मौजूदा अधीक्षक Dr. Shashidhar Prasad Garg को Shyam Shah Medical College Rewa का अधीक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। आदेश पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर सचिव Seema Deharia के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।

यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब Rewa में Kalpana Mishra और उनके नवजात बच्चे की मौत को लेकर परिजनों और विपक्षी दलों का विरोध लगातार जारी है। मामले में अस्पताल स्तर पर पहले भी कई डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
Vikrant Bhuria ने सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायक और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Vikrant Bhuria भी Rewa पहुंचे। उन्होंने Rewa में Kalpana Mishra और उनके नवजात बच्चे की मौत के साथ-साथ Balaghat में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

Vikrant Bhuria ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि Madhya Pradesh के अलग-अलग हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यूथ कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। Congress कार्यकर्ता प्रदेश के Deputy CM और Health Minister Rajendra Shukla के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में Youth Congress के कार्यकर्ता Rajendra Shukla के आवास का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता घर के अंदर तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर मोर्चा संभाला।

स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को बाहर रोकने का प्रयास किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है और अलग-अलग जिलों से स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।
Abhay Mishra ने आंदोलन की चेतावनी दी
वहीं Rewa में जारी आंदोलन के दौरान कांग्रेस विधायक Abhay Mishra ने शनिवार शाम करीब 4 बजे अपना मौन धरना समाप्त कर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने सरकार और Rewa की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।

Abhay Mishra ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय नहीं मिला तो Health Minister के इस्तीफे की मांग की जाएगी और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। परिवार और समर्थकों का कहना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले में आपराधिक जिम्मेदारी तय कर FIR दर्ज की जानी चाहिए।
डॉक्टरों पर हो चुकी है कार्रवाई
Kalpana Mishra और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में इससे पहले Dr. Sonal Agarwal, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और Dr. Nidhi Pandey, निश्चेतना विभाग को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो पैरामेडिकल स्टाफ पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई थी। अस्पताल के अधीक्षक Dr. Rahul Mishra को भी उनके पद से हटा दिया गया था।
हालांकि, इन कार्रवाइयों के बावजूद मृतका के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। परिवार की ओर से घटना में जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसी मांग को लेकर धरना और प्रदर्शन लगातार जारी है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
मामले की जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। यही वजह है कि Kalpana Mishra के परिजनों और आंदोलन कर रहे लोगों की नजर अब जांच के नतीजे पर है। परिजन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मौत के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट की जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
Dr. Sunil Agarwal के तबादले और Satna Medical College में नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, तबादला आदेश में Kalpana Mishra मामले को कारण के रूप में स्पष्ट तौर पर नहीं बताया गया है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किन अधिकारियों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होती है और सरकार आगे क्या कार्रवाई करती है।
Varsha Shrivastava 
