मऊगंज में आफत बनी बारिश: आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, ओड्डा-गोरमा समेत कई नदियां उफान पर, दर्जनों पुल डूबे
मऊगंज में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात: कई इलाके में जल भराव जैसे हालात, सैकड़ों घर जलमग्न, कई गांवों का संपर्क टूटा, जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।
मऊगंज जिले में पिछले 48 घंटों से रुक-रुककर जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली ओड्डा, निहाई, सेलार, गोरमा, कगास और हरफरी समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बारिश के कारण कई जगह मुख्य मार्गों पर बने पुलों और रपटों के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी चल रहा है।
दर्जनों गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूटा
जिले की कई नदियां उफान पर हैं। नदियों पर बने मुख्य पुल पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय नदियों के पुलों पर पानी भर जाने के कारण वराव, फूल, हरिचंद सिंह, पैपखार, नदहा, ढखरा, पहाड़ी, राजाधौ, बंधवा भीर, देवरी जुड़मनिया, भलुहा तेंदुआ और नईगढ़ी चकरहन टोला समेत कई गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

ग्रामीणों को ब्लॉक या तहसील मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 25 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी तरह ओड्डा नदी में बाढ़ आने से करही गांव के पास सेनुआ-फूल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते नईगढ़ी जनपद क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
घरों में घुसा पानी, जनजीवन बेहाल
जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव जैसे हालात बन गए हैं। मऊगंज नगर परिषद क्षेत्र और नईगढ़ी जनपद की कैछुआ, कोट, रामपुर, सेंगरवार, जिलहड़ी ग्राम पंचायत समेत कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई है।
निचली बस्तियों में 4 से 6 फीट तक पानी भर गया है। कई कच्चे मकानों में पानी घुसने के कारण लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। वहीं, खेतों में खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

प्रशासन मुस्तैद, लोगों से की यह अपील
जिला प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में कड़ी नजर रखी जा रही है। कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर सभी विकासखंड और तहसील स्तर पर राजस्व, पुलिस और पंचायत अमले की तैनाती की गई है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि नदी के तटबंध या पुल पर पानी होने की स्थिति में नदी पार करने का जोखिम न उठाएं। जलाशयों, तालाबों और उफनते नालों के नजदीक बिल्कुल न जाएं। खंडहर, जर्जर और पुराने मकानों से दूर रहें। वहीं, तराई और निचले इलाकों में रहने वाले लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कहीं भी हालात बिगड़ने पर तत्काल आपदा प्रबंधन टीम, संबंधित तहसीलदार या एसडीएम को सूचना दें, ताकि समय पर उचित राहत और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
Varsha Shrivastava 
