ट्रंप की 35 नेताओं की लिस्ट में PM मोदी सबसे ऊपर! अमेरिकी राजदूत बोले- दोनों देशों की दोस्ती से जलते हैं दूसरे देश 

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 35 नेताओं की पसंदीदा लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. जानिए भारत-अमेरिका रिश्तों और ट्रेड डील पर क्या बोले.

ट्रंप की 35 नेताओं की लिस्ट में PM मोदी सबसे ऊपर! अमेरिकी राजदूत बोले- दोनों देशों की दोस्ती से जलते हैं दूसरे देश 

भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पसंदीदा वैश्विक नेताओं की सूची में सबसे ऊपर हैं. उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप से पूछा जाए कि वे दुनिया के करीब 35 नेताओं में से किससे मिलना चाहेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी का नाम सबसे पहले आएगा.

सर्जियो गोर ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत-अमेरिका संबंधों पर बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त मानते हैं. उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

 भारत-अमेरिका रिश्ते लगातार हो रहे मजबूत

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. दोनों देश व्यापार, टेक्नोलॉजी, फार्मा, स्पेस, डिफेंस और सैन्य अभ्यास समेत कई क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं. गोर के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग सिर्फ राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि कारोबार और रणनीतिक क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार हो रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात भी इसी बढ़ते सहयोग का संकेत देती है. जून 2026 में दोनों नेताओं ने फ्रांस के एवियां में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी. इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, रणनीतिक तकनीक और व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी.

दिसंबर में फिर आमने-सामने आ सकते हैं मोदी-ट्रंप

अमेरिकी राजदूत ने संकेत दिया है कि दिसंबर में फ्लोरिडा में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात हो सकती है. हालांकि, दोनों नेताओं की अलग से द्विपक्षीय बैठक की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है. गोर ने कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा जाए कि वे सम्मेलन में शामिल करीब 35 नेताओं में से किससे सबसे पहले मिलना चाहेंगे, तो प्रधानमंत्री मोदी उनकी सूची में सबसे ऊपर होंगे. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप अगले साल भारत का दौरा कर सकते हैं. हालांकि, इस दौरे की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

ट्रेड डील पर भी अमेरिकी राजदूत ने दिया बड़ा अपडेट

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी सर्जियो गोर ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच बातचीत जारी है और दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं. गोर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद व्यापार समझौते पर कुछ काम दोबारा करना पड़ रहा है, लेकिन बातचीत पटरी पर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है. भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल करीब 240 अरब डॉलर का है. दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में इसे 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.

डिफेंस सेक्टर में भी बढ़ रहा भरोसा

अमेरिकी राजदूत ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद रक्षा साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रक्षा संबंध केवल हथियारों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आपसी विश्वास भी शामिल है. भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है.दोनों देश रणनीतिक तकनीक और रक्षा परियोजनाओं में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं.

क्वाड को लेकर भी अमेरिका की नजर भारत पर

सर्जियो गोर ने भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के संगठन क्वाड को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि चारों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, महत्वपूर्ण खनिज, मानवीय सहायता, आपदा राहत और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं. अमेरिकी राजदूत ने कहा कि वॉशिंगटन क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन को लेकर काफी उत्सुक है.

‘दूसरे देश भारत-अमेरिका रिश्तों से जलते हैं’

गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते व्यापार, सैन्य अभ्यास और उच्चस्तरीय दौरों से रिश्तों की दिशा साफ दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि हर हफ्ते दोनों देशों के बीच किसी न किसी स्तर पर संपर्क हो रहा है. उनके मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी दूसरे देशों के लिए भी ईर्ष्या का विषय बन रही है.

क्या बदल रहा है भारत-अमेरिका रिश्ता?

सर्जियो गोर का बयान ऐसे समय आया है, जब भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर लगातार बातचीत चल रही है. एक तरफ दोनों देश व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रक्षा, तकनीक और क्वाड जैसे रणनीतिक मंचों पर सहयोग भी बढ़ रहा. ऐसे में ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को लेकर अमेरिकी राजदूत का यह बयान भारत-अमेरिका रिश्तों में राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका को एक बार फिर चर्चा में ले आया है.