LNCT Bhopal में परीक्षा पर बड़ा मंथन, भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ेगा मूल्यांकन
भोपाल LNCT विश्वविद्यालय में 7-8 सितंबर को भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में परीक्षा संचालन और मूल्यांकन पर दो दिवसीय कार्यशाला होगी।
मध्य प्रदेश। भोपाल एलएनसीटी विश्वविद्यालय (Bhopal LNCT University) में 7 एवं 8 सितंबर को ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन की अवधारणा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में समकालीन शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।
कार्यशाला का आयोजन एलएनसीटी विश्वविद्यालय एवं मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास तथा मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। एलएनसीटी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध है।
भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा, परीक्षा और मूल्यांकन पर चर्चा
7 सितंबर को कार्यशाला के प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉ. अतुल कोठारी, अशोक कड़ेल तथा प्रो. खेमसिंह डहेरिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। डॉ. अतुल कोठारी इस अवसर पर संबोधित करेंगे।
इसके बाद डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा, परीक्षा एवं मूल्यांकन के दार्शनिक आधार विषय पर व्याख्यान देंगे। प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी सतत एवं समग्र मूल्यांकन पर अपने विचार रखेंगे। पहले दिन के अंतिम सत्र में शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
ज्ञान, आचरण और प्रज्ञा के मूल्यांकन पर मंथन
8 सितंबर को कार्यशाला के दूसरे दिन ज्ञान, आचरण और प्रज्ञा के मूल्यांकन के साथ भारतीय शिक्षा परंपरा में परीक्षा की समग्र अवधारणा पर चर्चा होगी।
प्रो. रविन्द्र कन्हेरे प्रवेश प्रक्रिया एवं विद्यार्थी चयन में मूल्यांकन की भूमिका विषय पर व्याख्यान देंगे। वहीं प्रो. उमा कांजी लाल डिजिटल परीक्षा एवं मूल्यांकन के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखेंगी।
इसके अलावा डॉ. वीरेन्द्र गुप्ता मूल्यांकन के विविध आयाम एवं प्रकार तथा प्रो. रमाकांत पांडे समग्र व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण में मूल्यांकन की भूमिका विषय पर संबोधित करेंगे।
गुरुकुल परंपरा से विकसित भारत-2047 तक परीक्षा मॉडल पर चर्चा
कार्यशाला के अंतिम सत्र में डॉ. जी.एस. टूटेजा गुरुकुल परंपरा में विद्यार्थी मूल्यांकन विषय पर अपने विचार रखेंगे। इसके बाद डॉ. विरल जी. गौरीशंकर विकसित भारत-2047 के लिए भारतीय परीक्षा एवं मूल्यांकन मॉडल विषय पर विचार प्रस्तुत करेंगे।
कार्यशाला में भारतीय शिक्षा परंपरा में परीक्षा और मूल्यांकन की अवधारणा के विभिन्न पक्षों पर चर्चा के साथ इसे वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में देखने का प्रयास किया जाएगा।
धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ होगा समापन
दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतिम चरण में धन्यवाद ज्ञापन किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन होगा। एलएनसीटी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संबंधित गतिविधियां और सूचनाएं प्रकाशित की जा रही हैं।

