गॉल में मानव सुथार का जलवा, 10 विकेट लेकर दिखाया क्लासिकल स्पिन का कमाल

गॉल टेस्ट में मानव सुथार ने दोनों पारियों में 10 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया। जानिए उनकी गेंदबाजी में ऐसा क्या खास रहा, जिसने उन्हें क्लासिकल स्पिन की याद दिला दी।

गॉल में मानव सुथार का जलवा, 10 विकेट लेकर दिखाया क्लासिकल स्पिन का कमाल

Ind vs SL Galle Test: टीम इंडिया के युवा स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में ऐसी गेंदबाजी की, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। मैच की दोनों पारियों में सुथार ने कुल 10 विकेट अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विदेशी जमीन पर 10 विकेट लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों की खास लिस्ट में जगह बना ली है।

सुथार की खासियत सिर्फ उनके विकेटों की संख्या नहीं रही। गॉल की पिच और हवा का जिस तरह उन्होंने इस्तेमाल किया, वह उनकी गेंदबाजी की असली कहानी है। गेंद को हवा में ड्रिफ्ट कराना, एक ही एक्शन से स्पीड में बदलाव करना और लगातार सही लाइन पर गेंद डालना, इन सबने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।

गॉल में सुथार ने रचा खास रिकॉर्ड

मानव सुथार ने टेस्ट की दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट हासिल किए। विदेशी जमीन पर किसी टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में उनका नाम अब रविचंद्रन अश्विन, बिशन सिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे दिग्गजों के साथ जुड़ गया है।यह आंकड़ा अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, अभी सुथार के करियर की शुरुआत ही हुई है, इसलिए उन्हें इन महान स्पिनर्स की श्रेणी में रखना जल्दबाजी होगी। लेकिन गॉल का प्रदर्शन यह जरूर बताता है कि उनके अंदर लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में असर छोड़ने की क्षमता मौजूद है।

विकेट के पीछे नहीं भागे, दबाव बनाते रहे

सुथार की गेंदबाजी में सबसे दिलचस्प बात उनका धैर्य रहा। उन्होंने हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय लगातार एक ही जगह गेंद डालकर बल्लेबाज को गलती करने के लिए मजबूर किया।हवा जिस दिशा में जा रही थी, सुथार ने उसका फायदा उठाया। गेंद को हवा में घुमाया और फिर पिच पर गिरने के बाद उसकी दिशा और उछाल ने बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी।उनका एक्शन भी बल्लेबाजों को आसानी से संकेत नहीं देता था कि अगली गेंद तेज होगी या धीमी। यही वजह रही कि एक जैसी रन-अप और एक्शन के बावजूद उनकी गेंदों में लगातार बदलाव दिखाई दिया।यही स्पिन गेंदबाजी की वह कला है, जिसमें गेंदबाज सिर्फ टर्न पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि लाइन, लेंथ, फ्लाइट, ड्रिफ्ट और स्पीड के सहारे बल्लेबाज को फंसाता है।

सुथार की गेंदों ने दिखाया असली वैरिएशन

गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में मानव सुथार ने छह विकेट झटके। खास बात यह रही कि उनके विकेट अलग-अलग तरीकों से आए।पथुम निसांका LBW हुए, लाहिरू उदारा का कैच गली में गया और सोनल दिनुशा लेग स्लिप में लपके गए। इसके बाद लाहिरू कुमारा का कैच विकेटकीपर ऋषभ पंत ने पकड़ा। प्रभात जयसूर्या और केशरा नुवंथा के विकेट बोल्ड के रूप में आए।यानी बल्लेबाजों को आउट करने के लिए सुथार ने सिर्फ एक ही तरीका नहीं अपनाया। कभी गेंद ने बल्ले का किनारा लिया, कभी बल्लेबाज लाइन से चूका और कभी गेंद सीधे स्टंप पर जा लगी।यह बताता है कि सुथार सिर्फ एक तरह की डिलीवरी पर निर्भर रहने वाले गेंदबाज नहीं हैं।

पहली पारी में भी दिखी उनकी क्लास

सुथार ने पहली पारी में भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। दिनेश चांदीमल का विकेट इसका अच्छा उदाहरण रहा। गेंद हवा में ड्रिफ्ट हुई, पिच पर टर्न लिया और फिर बल्लेबाज के लिए मुश्किल उछाल पैदा किया।चांदीमल गेंद को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाए और कैच विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों में चला गया।यहीं से साफ हो गया था कि गॉल की परिस्थितियों में सुथार अपनी गेंदबाजी का पूरा इस्तेमाल करने वाले हैं।

10 गेंदों में 4 विकेट ने पलटा मैच

दूसरी पारी में मानव सुथार ने जिस अंदाज में मैच को भारत की तरफ मोड़ा, वह उनके प्रदर्शन का सबसे बड़ा हाइलाइट रहा।उन्होंने महज 10 गेंदों के अंतराल में चार विकेट हासिल किए। एक समय श्रीलंका ने साझेदारी बनाकर मैच को थोड़ा संभालने की कोशिश की थी, लेकिन सुथार ने लगातार विकेट लेकर उस उम्मीद को खत्म कर दिया।एक ही ओवर में उन्होंने सोनल दिनुशा, प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद अगले ओवर में केशरा नुवंथा का विकेट हासिल कर उन्होंने श्रीलंका की पारी को निर्णायक झटका दे दिया।यह सिर्फ टर्न का कमाल नहीं था। सुथार ने बल्लेबाजों की स्थिति को समझा और उसी हिसाब से गेंदबाजी की। यही वजह रही कि एक छोटा सा स्पेल पूरे मैच का रुख बदल गया।

केएल राहुल भी हुए सुथार के फैन

टीम इंडिया के उपकप्तान केएल राहुल ने भी मानव सुथार की गेंदबाजी की तारीफ की। राहुल के मुताबिक सुथार की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह एक ही एक्शन से गेंद की गति में बदलाव कर सकते हैं।इससे बल्लेबाज के लिए पहले से अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि अगली गेंद किस स्पीड से आएगी।राहुल ने यह भी बताया कि सुथार ने हवा का शानदार इस्तेमाल किया। जब हवा एक दिशा में चल रही थी, तब उन्होंने गेंद को उसी के साथ ड्रिफ्ट कराया। इसके बाद गेंद पिच पर पड़कर कभी सीधी हुई तो कभी अंदर की तरफ आई।यानी सुथार ने परिस्थितियों को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि उन्हें अपनी गेंदबाजी का हिस्सा बना लिया।

क्या टीम इंडिया को मिल गया नया स्पिन हथियार?

भारत लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजी की मजबूत परंपरा के लिए जाना जाता है। अश्विन, जडेजा, कुंबले और हरभजन जैसे गेंदबाजों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।अब भारतीय टीम एक नए दौर में पहुंच रही है। ऐसे में टीम को ऐसे स्पिनर्स की जरूरत है जो सिर्फ घरेलू पिचों पर नहीं, बल्कि विदेशों में भी मैच का रुख बदल सकें।गॉल में मानव सुथार ने इस दिशा में एक मजबूत संकेत जरूर दिया है।

हालांकि, सिर्फ एक टेस्ट के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय स्पिन के अगले बड़े चेहरे के रूप में देखना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन 10 विकेट का यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास के साथ-साथ टीम मैनेजमेंट के भरोसे को भी बढ़ाने वाला है।गॉल में सुथार ने यह दिखा दिया कि क्लासिकल स्पिन का मतलब सिर्फ गेंद को जोर से घुमाना नहीं है। असली खेल बल्लेबाज को पढ़ने, सही जगह गेंद डालने और हर गेंद में थोड़ा सा सवाल छोड़ने का है।और गॉल में मानव सुथार ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों से यही सवाल बार-बार पूछा। जवाब नहीं मिला, तो विकेट गिरते गए।