Upcoming IPO List : अगले हफ्ते शेयर बाजार में आएंगे 11 कंपनियों के IPO, यहां देखें पूरी लिस्ट
Upcoming IPO List : 7 से 15 सितंबर के बीच 11 मेन-बोर्ड कंपनियां अपने आईपीओ लेकर आ रही हैं। इन इश्यू के जरिए बाजार से कुल 7,055 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है।
Upcoming IPO List : बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में सितंबर का दूसरा हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। 7 से 15 सितंबर के बीच 11 मेन-बोर्ड कंपनियां अपने आईपीओ लॉन्च करेंगी। इन इश्यू के जरिए कुल 7,055 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। इनमें रेंटोमोजो, करमतारा इंजीनियरिंग और कनोहर इलेक्ट्रिकल्स जैसे नाम शामिल हैं। अलग-अलग सेक्टर की इन कंपनियों के इश्यू पर निवेशकों की नजर रहेगी।
OFS का हिस्सा ज्यादा
कुल 7,055 करोड़ रुपये में करीब 2,722 करोड़ रुपये फ्रेश इश्यू से जुटाए जाएंगे। यह रकम सीधे कंपनियों के खाते में जाएगी और इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने या कारोबार बढ़ाने में किया जा सकता है। वहीं, करीब 4,333 करोड़ रुपये OFS के जरिए जुटाए जाएंगे। इसमें मौजूदा प्रमोटर और निवेशक अपने शेयर बेचते हैं। इसलिए OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वालों को मिलती है।
7 सितंबर को खुलेगा पहला IPO
सप्ताह की शुरुआत प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ से होगी। इसका इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। कंपनी करीब 351 करोड़ रुपये जुटाएगी। शेयर का प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये है। इश्यू में 315.6 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 35.43 करोड़ रुपये का OFS शामिल है।
8 और 9 सितंबर को कई इश्यू
8 सितंबर को कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रसोल केमिकल्स और ग्लास वॉल सिस्टम्स के आईपीओ खुलेंगे। इनके इश्यू साइज क्रमशः 1,056 करोड़, 500 करोड़ और 428 करोड़ रुपये हैं।
9 सितंबर को रेंटोमोजो, करमतारा इंजीनियरिंग, मणिपाल पेमेंट, आर्सिल, LCC प्रोजेक्ट्स और स्टीमहाउस इंडिया के आईपीओ आएंगे। इनमें रेंटोमोजो का इश्यू 1,256 करोड़ रुपये और करमतारा इंजीनियरिंग का 875 करोड़ रुपये का है।
10 सितंबर को आखिरी IPO
वीगालैंड डेवलपर्स का आईपीओ 10 सितंबर को खुलेगा और 15 सितंबर को बंद होगा। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 210 करोड़ रुपये जुटाएगी। इन 11 इश्यू के साथ इस साल मेन-बोर्ड आईपीओ लाने वाली कंपनियों की संख्या 75 तक पहुंच जाएगी।
निवेश से पहले तीन बातें जांचें
आईपीओ में निवेश से पहले फ्रेश इश्यू और OFS का अनुपात जरूर देखें। कंपनी पर कितना कर्ज है और आईपीओ की रकम का इस्तेमाल कैसे होगा, इसकी जानकारी लें। इसके अलावा कंपनी के वैल्यूएशन और P/E रेशियो की तुलना समान सेक्टर की कंपनियों से करना भी जरूरी है।

