NRC की छत का प्लास्टर गिरा, टला बड़ा हादसा
सतना जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप मच गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद भवन की गुणवत्ता और अस्पताल की जर्जर हालत को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सतना। जिला अस्पताल परिसर में नई बिल्डिंग में संचालित पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब भवन की छत का प्लास्टर अचानक से भर भराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद एनआरसी केन्द्र एवं वहां भर्ती बच्चों, परिजनों और स्टाफ में दहशत का माहौल बन गया था।
बताया जाता है कि एनआरसी वह जगह है जहां कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। बच्चों के साथ परिजन भी यहां साथ रहते हैं। गौरतलब है कि 2008 से पोषण पुर्नवास केन्द्र को नई बिल्डिंग में संचालित किया गया था। जानकार बताते हैं कि 2006 में बिल्डिंग तैयार हो गई थी। 17 सालों में ही लाखों- करोड़ों की बिल्डिंग का प्लास्टर गिरना गुणवत्ता कार्य में भी सवाल खडेÞ कर रहा है।
टीबी से पीड़ित बच्चों को किया जाता है भर्ती
एनआरसी से जुड़े जानकारों ने बताया कि बुधवार की दोपहर प्रथम तल पर बने भवन का प्लास्टर गिरा था। यहां कई दिनों से बारिश के चलते सीपेज की समस्या देखने को मिल रही थी और अचानक से यह घटनाक्रम घटित हो गया। घटना स्थल के समीप में ही अन्य प्लास्टर भी कमजोर था और सीपेज के चलते लटक रहा था, जिसे स्टाफ द्वारा डंडा मारकर गिराया गया। बताया गया कि इस वार्ड में स्टोर का सामान रखा हुआ है, जबकि इसी वार्ड में टीबी से पीड़ित कुपोषित बच्चों को 14 दिनों के लिए भर्ती भी किया जाता है। इसके अलावा प्रथम तल पर स्टोर में ही एनआरसी में पदस्थ मेल स्टाफ रात में विश्राम भी करता है।
सात दशक पुराना अस्पताल भवन जर्जर
जिला अस्पताल करीब सात दशक पुराना बताया जाता है, यहां कई स्थान ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहां की दीवारें और छतें कमजोर हो चुकी हैं और कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। विगत 7 जुलाई को ग्रांउड तल से प्रथम तल के वार्डों में जाने वाले रास्ते में रैम्प का प्लास्टर गिरा था। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा पीडबल्यूडी को अस्पताल परिसर में कई जगह रिनोबेशन, रंगाई- पुताई के लिए पत्राचार भी किया था। अस्पताल भवन में समय- समय पर मरम्मत कार्य किए जाने के बाद भी परिसर की संरचना कमजोर हो चुकी है। बरसाती सीजन में कई वार्डों में पानी रिसने की शिकायतें भी आ रही हैं।
छतों में दरारें, उग आए पेड़
जिला अस्पताल में कई जगह बने भवन की छतों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, और प्लास्टर भी जगह- जगह से उखड़ रहे हैं। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि छतों की दरारों में पेड़- पौधे तक उग आए है जो भवन की मजबूती पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
इनका कहना है...
"अस्पताल परिसर के ऐसे कई प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं जो जर्जर अवस्था में हैं। पीडबल्यूडी और प्रशासन से अस्पताल के रिनोवेशन के लिए पत्राचार किया गया है।"
-डा. अमर सिंह
सिविल सर्जन,जिला अस्पताल

