पब्लिक वाणी की खबर का असर, पहली बारम स्तर के अफसर को मिला वन विकास निगम के एमडी का प्रभार
वन विकास निगम के एमडी एचयू खान के रिटायर होने के बाद नए MD की नियुक्ति पर असमंजस। मनोज अग्रवाल, बसवराज अन्नागिरी और प्रदीप वासुदेवा के नाम चर्चा में।
भोपाल। मध्य प्रदेश वन विकास निगम (एमपीएफडीसी) के नए प्रबंध संचालक (एमडी) की नियुक्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 31 जुलाई को एमडी एच.यू. खान के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि पहली बार पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) स्तर के अधिकारी इस पद पर जाने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में अंतरिम व्यवस्था के तहत सीसीएफ स्तर के अधिकारी बृजेन्द्र झा को एमडी का प्रभार सौंपा गया है।
करीब दो दशक से विभाग में यह परंपरा रही है कि वन विकास निगम का एमडी पीसीसीएफ स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को बनाया जाता है। लेकिन इस बार वरिष्ठ अधिकारियों की अनिच्छा के चलते यह परंपरा टूटती नजर आ रही है।
बृजेन्द्र झा को मिला अतिरिक्त प्रभार
वन विकास निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं सीसीएफ बृजेन्द्र झा को नए एमडी की नियुक्ति तक अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें जबलपुर क्षेत्रीय महाप्रबंधक पद से हटाकर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं उनकी जगह सीएफ अनिल शुक्ला को जबलपुर का क्षेत्रीय महाप्रबंधक बनाया गया है।
आर्थिक संकट बना सबसे बड़ी वजह
सूत्रों के अनुसार, वन विकास निगम की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पीसीसीएफ अधिकारी वहां पदभार लेने के इच्छुक नहीं हैं। बताया जा रहा है कि जिन अधिकारियों के नाम एमडी पद के लिए भेजे गए हैं, वे फिलहाल करोड़ों रुपये के बजट वाली महत्वपूर्ण शाखाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और वहां से हटना नहीं चाहते।
इन तीन नामों पर चल रहा मंथन
1. मनोज अग्रवाल
1993 बैच के आईएफएस अधिकारी मनोज अग्रवाल का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। वर्तमान में उनके पास पीसीसीएफ कैंपा के साथ पीसीसीएफ वर्किंग प्लान का अतिरिक्त प्रभार है। विभाग में उनकी पहचान वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ के रूप में है। माना जा रहा है कि वन विकास निगम की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए उनकी विशेषज्ञता उपयोगी साबित हो सकती है। उनका सेवानिवृत्ति वर्ष जून 2028 है।
2. बसवराज अन्नागिरी
1995 बैच के आईएफएस अधिकारी बसवराज अन्नागिरी भी संभावित दावेदार हैं। विभाग में उनकी छवि एक गैर-विवादित और कार्यकुशल अधिकारी की है। वर्तमान में उनके पास पीसीसीएफ वित्त एवं बजट, एचआरडी और विकास जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं की जिम्मेदारी है। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक है।
3. प्रदीप वासुदेवा
1992 बैच के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी प्रदीप वासुदेवा वर्तमान में राज्य वन्यजीव संस्थान (एसएफआरआई), जबलपुर में पदस्थ हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, उन्हें भोपाल बुलाकर वन विकास निगम का एमडी या पीसीसीएफ वर्किंग प्लान की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2027 तक है।
पहली बार टूटी परंपरा
वन विभाग के इतिहास में यह पहला अवसर माना जा रहा है जब पीसीसीएफ स्तर का कोई अधिकारी वन विकास निगम का एमडी बनने के लिए आगे नहीं आया है। ऐसे में सरकार और वन विभाग के सामने जल्द स्थायी नियुक्ति करना चुनौती बना हुआ है। अब मंत्रालय स्तर पर मनोज अग्रवाल, बसवराज अन्नागिरी और प्रदीप वासुदेवा के नामों पर अंतिम निर्णय के लिए मंथन जारी है।

