खड़गे का बड़ा आरोप, 'मेरे भाषण के बाद स्टेज का शुद्धीकरण कराया गया'
हल्द्वानी में खड़गे के भाषण के बाद मंच के 'शुद्धीकरण' का मामला संसद पहुंचा। खड़गे ने सवाल उठाए, जेपी नड्डा ने घटना की जांच कराने और निंदा की बात कही।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण के बाद मंच के 'शुद्धीकरण' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। खड़गे ने गुरुवार को राज्यसभा में इस मामले को उठाते हुए सवाल किया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह का व्यवहार स्वीकार किया जा सकता है। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष की ओर से बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घटना की निंदा करते हुए मामले की जांच कराने की बात कही।
हल्द्वानी के मंच के 'शुद्धीकरण' का मामला संसद पहुंचा
दरअसल, मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। यह कार्यक्रम रामलीला मैदान में हुआ था। आरोप है कि उनके भाषण के बाद उसी मंच पर हवन कर उसका 'शुद्धीकरण' कराया गया।यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बीजेपी का हाथ है। हालांकि, बीजेपी ने इस आरोप से खुद को अलग करते हुए कहा कि पार्टी का इस कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है।
खड़गे ने संसद में क्या कहा?
राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए खड़गे ने कहा कि उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में लोगों की समस्याओं को लेकर भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि अपने भाषण के दौरान उन्होंने किसी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया।खड़गे के मुताबिक, उनके कार्यक्रम के बाद मंच पर हवन कराया गया और उसका शुद्धीकरण किया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी विपक्षी नेता के भाषण के बाद मंच का इस तरह शुद्धीकरण कराया जाता है तो यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है।खड़गे ने यह भी कहा कि वह अपनी दलित पहचान को लेकर कभी किसी से सहानुभूति या विशेष मदद की मांग नहीं करते। उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारों के लिए खुद लड़ने में सक्षम हैं, लेकिन इस तरह की घटना उन्हें दुख पहुंचाती है।
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://x.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | In Rajya Sabha, LoP and Congress chief Mallikarjun Kharge says, "...I was in Haldwani where I made a public speech at Ramlila Maidan. Lakhs of people were there. At that time, I did not mention the name of any community or religion; I only reiterated the issues of the… <a href="https://t.co/oePxPC0jBr">pic.twitter.com/oePxPC0jBr</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2087777740040880631?ref_src=twsrc%5Etfw">August 13, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
नड्डा ने क्या दिया जवाब?
खड़गे के आरोपों का जवाब राज्यसभा में सत्ता पक्ष के नेता जेपी नड्डा ने दिया। नड्डा ने कहा कि अगर खड़गे के साथ ऐसा हुआ है तो यह दुखद है। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी इस तरह की किसी घटना का समर्थन नहीं करती।नड्डा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से खड़गे की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो यह खेद का विषय है।नड्डा ने मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की बात भी कही और कहा कि बीजेपी पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देखेगी।
किसने कराया 'शुद्धीकरण यज्ञ'?
जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी में यह 'शुद्धीकरण' श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सचिव राम अवस्थी की अगुवाई में कराया गया था।संगठन की ओर से दावा किया गया कि कांग्रेस की सभा के दौरान इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। संगठन का कहना है कि उसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और हवन धार्मिक-सांस्कृतिक गरिमा की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से कराया गया।हालांकि, इन दावों को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है और कांग्रेस की ओर से बीजेपी पर सवाल उठाए गए हैं।
बीजेपी ने घटना से किया किनारा
इस मामले में बीजेपी की ओर से पहले ही कहा गया था कि हल्द्वानी में हुए 'शुद्धीकरण यज्ञ' से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस पर सवाल उठाते हुए बीजेपी की भूमिका की जांच की मांग की है।अब राज्यसभा में नड्डा के बयान के बाद इस मामले में जांच की बात सामने आई है। ऐसे में आगे यह देखना अहम होगा कि जांच में इस कार्यक्रम को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और इसमें शामिल लोगों की राजनीतिक या संगठनात्मक पृष्ठभूमि क्या है।
अब इस मामले में क्या होगा?
फिलहाल यह विवाद हल्द्वानी के एक मंच पर हुए 'शुद्धीकरण' से शुरू होकर संसद तक पहुंच चुका है। एक तरफ खड़गे ने इसे अपने अपमान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर सवाल उठाया है, वहीं बीजेपी ने घटना से दूरी बनाते हुए जांच की बात कही है।अब पूरे मामले की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 'शुद्धीकरण' कराने के पीछे वास्तव में कौन लोग थे और इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी।
Anubhav Dubey 
