PAK PM शहबाज ने UN में भारत को दी जंग की धमकी:कहा- सिंधु के पानी को रोकने की गलती न करें

PAK PM शहबाज ने UN में भारत को दी जंग की धमकी कहा- सिंधु के पानी को रोकने की गलती न करें, कश्मीर को गले की नस बताया

PAK PM शहबाज ने UN में भारत को दी जंग की धमकी:कहा- सिंधु के पानी को रोकने की गलती न करें

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर को UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा। शहबाज ने कहा कि पानी को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत को इसे लेकर कोई गलती नहीं करनी चाहिए।

शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए जगलर वेन (गर्दन की नस) है। गर्दन की नस शरीर की अहम हिस्सा है। इसके कटते ही इंसान की मौत हो जाती है।

UNGA में शहबाज शरीफ के दावों का भारतीय अधिकारी पेटल गहलोत ने राइट ऑफ रिप्लाई के तहत जवाब दिया। उन्होंने कश्मीर, आतंकवाद, लोकतंत्र, धार्मिक असहिष्णुता और पाकिस्तान के जीत के दावे पर भारत का पक्ष रखा।

सिंधु जल संधि पर भारत के कदम को बताया गैरकानूनी

शहबाज ने कहा कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद भारत ने इस संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। शहबाज ने दावा किया कि UN के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भी इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है।

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी थी। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान का समर्थन था।

पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के नेतृत्व में सटीक जवाब दिया।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि मई 2025 में दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने और युद्ध जैसी स्थिति टालने में उनकी भूमिका अहम रही। शहबाज ने कहा कि ट्रम्प की कोशिशों से बड़ा टकराव टल गया। शहबाज ने यह भी कहा कि दक्षिण एशिया में फिर से ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए। उनके मुताबिक, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।

इस्लामोफोबिया का भी मुद्दा उठाया

शहबाज शरीफ ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को नफरत भरी बयानबाजी, भेदभाव और हमलों का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों पर हमले और कुरान के अपमान की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं।

भारत का जिक्र करते हुए शहबाज ने आरोप लगाया कि सीमा पार RSS से प्रभावित विचारधारा धार्मिक नफरत को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इसका असर मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक हिंसा, धार्मिक स्थलों पर हमलों और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदियों के रूप में दिखाई दे रहा है।

होर्मुज और बाब-अल-मंदेब को खुला रखने की अपील

शहबाज ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते बताया। उन्होंने कहा कि ये रास्ते खुले रहने चाहिए और इन्हें देशों के बीच टकराव का रास्ता नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन समुद्री रास्तों से दुनिया के कई देश जुड़े हुए हैं। अगर ये रास्ते बंद होते हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत का जवाब- PoK की स्थिति भी देखें

भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का मुद्दा उठाया। भारत की UN में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि वहां के लोगों से लंबे समय से हो रही मनमानी हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछा जाना चाहिए।

भारत की 6 बड़ी बातें

1.सीमा पार आतंकवाद पाकिस्तान की पुरानी नीति रही है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद के परिणाम होंगे।

2. भारत ने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में रहने का जिक्र किया। कहा कि आतंकवाद पर पाकिस्तान के दावों को उसके रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

3. भारत ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक अधिकारों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सेना की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और ‘वास्तविक शासक’ को दी गई छूट का भी उल्लेख किया।

4. भारत ने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया। गहलोत ने ईशनिंदा कानूनों, कट्टरता और नफरत के पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला दिया।

5. शहबाज शरीफ के पाकिस्तान की जीत के दावे पर पेटल गहलोत ने कहा कि पूरी दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें और सबूत मौजूद हैं कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस तबाह हुए थे।

उन्होंने कहा कि अगर तबाह रनवे और जले हैंगर पाकिस्तान को जीत लगते हैं, तो वह इस ‘काल्पनिक जीत’ का जश्न मनाने के लिए स्वतंत्र है। गहलोत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना ने खुद सीजफायर की मांग की थी और यह पूरी दुनिया जानती है।

6. गहलोत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोग जिस सरकार को खुद ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं, उनसे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। भारत ने उस देश से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर उपदेश सुने, जो इस समय अपने ही लोगों से सुरक्षा का खतरा है।

क्या है फॉर्म 47 सरकार

‘फॉर्म 47 सरकार’ पाकिस्तान में विपक्ष, खासकर PTI और उसके समर्थकों की ओर से शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला राजनीतिक शब्द है।

इसका संबंध फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद उठे चुनावी धांधली के आरोपों से है। फॉर्म 47 चुनाव आयोग का आधिकारिक दस्तावेज है, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र के संकलित नतीजे दर्ज होते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों का आंकड़ा मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 से मेल नहीं खाता और नतीजे तैयार करते समय हेरफेर की गई, जिससे PTI समर्थित उम्मीदवारों को नुकसान हुआ।

 इसी आधार पर विपक्ष शहबाज सरकार को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहता है। पेटल गहलोत ने भी इसी राजनीतिक आरोप के संदर्भ में यह शब्द इस्तेमाल किया।