महादेवघाट पुल से ऊपर पानी : इंद्रावती नदी- चित्रकोट जलप्रपात लबालब; दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू
CG Weather Alert Today : गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोलकर महानदी में पानी छोड़ा गया है। इससे नदी किनारे के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
CG Weather Alert Today : रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 36 घंटे तक लगातार बारिश होने के बाद अब बारिश थम गई है। रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। महादेवघाट पुल से दो फीट ऊपर पानी बह रहा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं। बंगाल की खाड़ी के डिप्रेशन का असर दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचा था। इससे नमी बढ़ी और बारिश तेज हो गई।
रायपुर और आसपास के इलाकों में भारी जलभराव
रायपुर की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2 के ईडब्ल्यूएस बी ब्लॉक में पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। सुरक्षा के चलते बिजली काटी गई है। फिर भी बिजली पैनल में करंट आने की शिकायत सामने आई है। भाटागांव में पानी भरने से एक कार और ट्रक फंस गए हैं।
प्रोफेसर कॉलोनी और काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी के कई घरों में पानी घुस गया है। जगदलपुर, गरियाबंद, कांकेर, बालोद और बिलासपुर के निचले इलाकों में भी घरों में पानी भरा हुआ है। बस्तर में कई सड़कें पूरी तरह डूब गई हैं।

धमतरी में कार बही और बांधों से पानी छोड़ा
धमतरी में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भखारा के जोरातराई मार्ग पर पानी भरे पुल को पार करते समय एक कार तेज बहाव में बह गई। कार में सवार दो लोगों ने कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। गंगरेल, मुरुमसिल्ली और दुधावा बांध का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कई गेट खोले गए हैं।
गंगरेल से 2.51 लाख क्यूसेक, सोढूर से 27,024 क्यूसेक, दुधावा से 25,492 क्यूसेक और मुरुमसिल्ली से 11,472 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। महानदी किनारे दरगहन गांव में घरों में पानी घुस गया है। रुद्रेश्वर घाट पहली बार डूब गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

गंगरेल डैम के सभी गेट खुले और गांवों में अलर्ट
गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोलकर महानदी में पानी छोड़ा गया है। इससे नदी किनारे के गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अमेठी गांव फिर से पानी से घिर गया है। प्रशासन ने पांच परिवारों के 25 लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया है। मलपुरी, मोहान, रीवडीह, बम्हनी, चरोदा और अमेठी समेत 12 गांवों को अलर्ट जारी किया गया है। राहत-बचाव दल तैनात किए गए हैं। लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील दोहराई गई है।
दुर्ग में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन
दुर्ग में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कुम्हारी के परसदा स्थित जगदीश बाड़ी में बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंच गया। परिवार फंस गए।
नगर सेना और एसडीआरएफ ने रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चले रेस्क्यू में 50 से 55 लोगों को सुरक्षित निकाला। सुबह 5.30 से 7.30 बजे तक दूसरे ऑपरेशन में 60 लोगों को राहत स्थल पहुंचाया गया। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

राजनांदगांव के चार बैराजों से कुल 20,090 क्यूसेक पानी शिवनाथ में छोड़ा जा रहा है। महमरा एनीकट में पानी करीब 12 फीट ऊपर बह रहा है। तांदुला और खरखरा डैम भी ओवरफ्लो हो गए हैं। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ के चलते शिवनाथ के पुराने पुल के पास गणेश विसर्जन रोक दिया गया है। उतई में बाइक समेत बहे एक युवक को पुलिस ने सुरक्षित निकाला। हालांकि बाइक बह गई।
रेल और हवाई सेवा प्रभावित
ईस्ट कोस्ट रेलवे के अनुसार मालिगुड़ा और छतरिपुट स्टेशन के बीच भूस्खलन के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल सेवा प्रभावित हुई है। इसके चलते छह ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
- 58502 किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर
- 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर
- 18516 किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस
- 18515 विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस
- 18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस
- 18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस
बस्तर में तीन दिन से हो रही बारिश से कई इलाकों में सड़कें डूब गईं और घरों में पानी घुस गया। इंद्रावती समेत अन्य नदी-नाले उफान पर हैं। जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द हो गई है। बस्तर जिले के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सोनारपाल के पास बाढ़ में फंसे करीब पांच ट्रकों के चालकों और परिचालकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। बस्तर जिला प्रशासन ने जिले में नौ राहत शिविर बनाए हैं। यहां 380 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया गया है।
इंद्रावती नदी उफान पर
तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण इंद्रावती नदी उफान पर है। इसका सीधा असर चित्रकोट जलप्रपात पर दिख रहा है। जलप्रपात पूरी तरह लबालब भर गया है। तेज बहाव के बीच प्रशासन ने पर्यटकों को वॉटरफॉल के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी है।
महादेवघाट पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में कई इलाकों में फिर बारिश हो सकती है। गरज-चमक, भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के सभी स्कूलों में आज छुट्टी रखी गई है।

प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत अधिक बारिश
मौसम विभाग के 26 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में एक जून से 26 सितंबर तक 1190.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 1128.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में सामान्य से छह प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
जिलों की बात करें तो बलरामपुर में सबसे ज्यादा 57 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। नारायणपुर में 41 प्रतिशत, गरियाबंद में 38 प्रतिशत, मुंगेली में 33 प्रतिशत और रायपुर में 31 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
वहीं सूरजपुर में सामान्य से 40 प्रतिशत, बेमेतरा में 35 प्रतिशत और जशपुर में 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद पूरे प्रदेश का औसत सामान्य से छह प्रतिशत अधिक बना हुआ है।

