India पर 100% Tariff का खतरा, Trump और Modi के बीच सुलझ सकता है मामला
अमेरिकी Senate के Russia sanctions bill के बाद India पर 100% तक tariff का खतरा बढ़ गया है। जानिए Russia से oil खरीदने को लेकर Trump और Modi के बीच क्या है पूरा मामला।
अमेरिका और भारत के बीच trade को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस बार मामला Russia से India की oil खरीद से जुड़ा है। अमेरिकी Senate ने Russia पर नए sanctions से जुड़े एक bill को मंजूरी दे दी है। इस bill में Russia से oil और gas खरीदने वाले बड़े देशों पर 100% तक tariff लगाने का प्रावधान है। India भी इस प्रावधान के संभावित दायरे में है। हालांकि, फिलहाल India पर 100% tariff लागू नहीं हुआ है।
Senate ने 86-11 से पास किया Russia Sanctions Bill
अमेरिकी Senate ने 7 अगस्त को Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 को 86-11 के वोट से पास किया। इस bill का मकसद Russia पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है, खासकर उसकी oil और gas से होने वाली कमाई को निशाना बनाना।Bill में अमेरिकी राष्ट्रपति को Russia से बड़े पैमाने पर crude oil या natural gas खरीदने वाले देशों के products पर 100% तक tariff लगाने की authority देने का प्रावधान है। मौजूदा प्रावधानों के हिसाब से India और China समेत Russia के बड़े energy buyers इसके दायरे में आ सकते हैं।
Russia से Oil खरीदना क्यों बना मुद्दा?
Ukraine war शुरू होने के बाद India ने Russia से crude oil की खरीद काफी बढ़ाई। Russia से मिलने वाला crude कई मौकों पर दूसरे international suppliers की तुलना में ज्यादा competitive रहा है। India के लिए यह खरीद उसकी energy जरूरतों और import costs से भी जुड़ी हुई है।लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों का तर्क है कि Russia से oil खरीदने वाले देशों से मिलने वाला पैसा Moscow की economy को support करता है। इसी वजह से Washington Russia की energy revenues पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
100% Tariff अभी लागू नहीं हुआ है
यहां सबसे जरूरी बात यही है कि Senate से bill पास होने का मतलब यह नहीं है कि India पर 100% tariff लग चुका है।Bill अभी अमेरिकी House of Representatives की प्रक्रिया से गुजरना बाकी है। इसके बाद ही आगे की legislative प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए फिलहाल India पर 100% tariff को लेकर खतरा या संभावित tariff कहना सही है, लागू tariff कहना नहीं।यानी अगर यह bill आगे कानून बनता है और Trump administration इसका इस्तेमाल करती है, तभी India से आने वाले कुछ या सभी प्रभावित products पर इस तरह की अतिरिक्त duty लगाए जाने का सवाल आएगा।
Trump और Modi के बीच सुलझ सकता है मामला
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार Peter Navarro के बयान ने इस पूरे मामले में एक नया angle जोड़ दिया है। 12 अगस्त को Navarro ने कहा कि Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच बहुत अच्छे working relations हैं और दोनों इस tariff issue को आपस में सुलझा लेंगे।Navarro का बयान ऐसे समय आया है जब India पर संभावित 100% tariff को लेकर चर्चा तेज है। उनके मुताबिक इस मुद्दे को Trump और Modi के स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है।
अगर 100% Tariff लगा तो क्या होगा?
अगर भविष्य में India पर 100% तक tariff लगाया जाता है, तो इसका असर अमेरिकी market में जाने वाले Indian products पर पड़ सकता है। Tariff बढ़ने से अमेरिकी buyers के लिए Indian goods महंगे हो सकते हैं और इससे Indian exporters की competitiveness प्रभावित हो सकती है।हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अगर tariff लगाया जाता है तो वह किन products पर लागू होगा और उसकी final rate कितनी होगी।
India के सामने Energy Security भी बड़ा मुद्दा
India के लिए मामला सिर्फ America के साथ trade का नहीं है। Russia से crude oil की खरीद देश की energy security से भी जुड़ी हुई है।अगर अमेरिकी pressure के चलते India को Russian oil की खरीद में बड़ा बदलाव करना पड़ता है, तो इसका असर crude oil sourcing और import costs पर पड़ सकता है। इसलिए India के सामने एक तरफ America के साथ trade relations हैं, तो दूसरी तरफ अपनी energy जरूरतों को पूरा करने का सवाल भी है।
China भी इस Bill के दायरे में
यह पूरा मामला सिर्फ India को लेकर नहीं है। Russia से बड़े पैमाने पर oil और gas खरीदने वाले दूसरे देश भी इस proposed tariff mechanism के दायरे में आ सकते हैं। China भी इसका एक बड़ा संभावित target है।इससे साफ है कि अमेरिकी Senate का यह कदम Russia पर economic pressure बढ़ाने की broader strategy का हिस्सा है। Washington उन देशों पर भी दबाव बनाना चाहता है जो Russia की energy exports के बड़े buyers बने हुए हैं।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल नजर अमेरिकी House of Representatives पर है। Senate से bill पास हो चुका है, लेकिन अभी इसे आगे की legislative प्रक्रिया से गुजरना है। इसके बाद Trump administration यह तय कर सकती है कि इस authority का इस्तेमाल करना है या नहीं।
इस बीच Peter Navarro का बयान यह जरूर दिखाता है कि India और America के बीच इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की गुंजाइश बनी हुई है।यानी अभी तस्वीर यह है कि India पर 100% tariff लागू नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिकी Senate से पास हुए bill ने Trump के लिए ऐसा tariff लगाने का रास्ता खोलने की कोशिश जरूर की है। अब आगे House की प्रक्रिया और Trump administration के फैसले पर सबकी नजर रहेगी।
Anubhav Dubey 
