CM Press Conference : सार्वजनिक बयान देते समय जिम्मेदारी और संयम बरतें राहुल गांधी, ECI पर लगे आरोपों पर बोले सीएम
CM Press Conference : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपने आचरण पर आत्ममंथन करे।
CM Press Conference : भोपाल। लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति के लिए पूरी जगह है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का सम्मान करना भी जरूरी है। राहुल गांधी ने हाल ही में निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित बीजेपी कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही है।
विपक्ष के नेता को संयम बरतना चाहिए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण है इसलिए निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सार्वजनिक बयान देते समय जिम्मेदारी और संयम बरतना चाहिए। केवल आरोप लगाने के बजाय संबंधित संस्थाओं के जवाब और न्यायिक प्रक्रिया को भी सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख किया। पार्टी को अपने अतीत और वर्तमान आचरण पर विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी जिम्मेदारी होती है। दोनों पक्षों को अपनी भूमिका गंभीरता से निभानी चाहिए।
कांग्रेस के बयानों पर सवाल
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के विभिन्न राजनीतिक बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार अलग-अलग मुद्दों पर सरकार, सेना और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाती रही है। कई बार विरोध दर्ज कराने के दौरान भाषा की मर्यादा का भी ध्यान नहीं रखा जाता।
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस के सवालों के बीच आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार एसआईआर से जुड़े निर्णयों पर किसी चुनाव आयुक्त ने अंतिम फैसले के खिलाफ औपचारिक असहमति दर्ज नहीं कराई थी। संबंधित आदेशों पर तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर थे।
जनादेश स्वीकार करना लोकतंत्र की भावना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी परिणामों और संगठन की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। जनता के जनादेश को स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है।
राजनीतिक दलों को अपनी कमियों पर आत्ममंथन करते हुए जनता के बीच अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से निर्वाचन आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में स्पष्टीकरण और माफी की मांग की।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए। भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है। पड़ोसी देशों में अस्थिरता के बीच संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना और भी जरूरी है।
राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने 27 सितंबर को भाजपा कार्यालय में मीडिया से कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के बयान “नाच न जाने आंगन टेढ़ा” कहावत को चरितार्थ करते हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार के संस्कार में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना शामिल है। उन्होंने इंदिरा गांधी के आपातकाल का जिक्र किया। राहुल ने बोफोर्स, बालाकोट स्ट्राइक और अब निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। इनके पास कोई सबूत नहीं है। उन्होंने जनता में भ्रम पैदा किया।
आत्मचिंतन और माफी की मांग
CM डॉ. यादव ने कहा कि इलेक्शन कमीशन, सुप्रीम कोर्ट और संसद में आचरण मर्यादा में रहना चाहिए। राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। ये बयान अक्षम्य हैं। जहां कांग्रेस की सरकार है वहां एसआईआर सही, जहां हार हुई वहां सवाल।
कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है इसलिए बौखला रही है। एसआईआर पर उनका झूठ बेनकाब हुआ। पात्र नागरिकों को मताधिकार देने के आयोग के निर्णय का समर्थन है। राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ममता बनर्जी का वो राज हम नहीं भूल सकते हैं, जब चुनाव कराने में कठिनाई आई थी। सुप्रीम कोर्ट के देर रात अधिकारियों को संरक्षण देने का निर्णय लिया था। राहुल गांधी ने चौकीदार चोर है, के विषय पर माफी मांगी थी। वे पहले कुछ भी बोलते हैं फिर माफी मांगते हैं। उन्हें नेता प्रतिपक्ष पद से स्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस के लोग भी पहले अपने नेता को बदलें, फिर अपनी नीति पर काम करें।
उज्जैन विकास और भाजपा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
सीएम ने उज्जैन के विकास का भी जिक्र किया। महाकाल लोक निर्माण के बाद पर्यटन बढ़ा है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर को राजनीति में भुना रही है। तीनों चुनाव आयुक्तों ने निर्णय सही बताया। राहुल की अराजक राजनीति की आदत है। वे संस्थाओं को टारगेट करते हैं। कांग्रेस को अपना विफल नेतृत्व बदलना चाहिए।

